New EPF Rule: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने ईपीएफओ सदस्य के नौकरी बदलने पर होने वाली परेशानी से बचाने के लिए बड़ा बदलाव किया है। नए नियम से नौकरी बदलने पर पीएफ का अमाउंट नई कंपनी या नियोक्ता के पास ऑटोमेटिक ट्रांसफर कर दिया जाएगा। सदस्य को इसके लिए अलग से आवेदन करने की जरूत नहीं होगी। ये नए नियम लागू भी हो चुके हैं। ये नई सुविधा शुरू होने से कर्मचारियों को पुरानी से नई कंपनी में पीएफ राशि ट्रांसफर कराने के लिए फॉर्म-31 नहीं भरना होगा।
क्या होता था पहले
ई व्यवस्था में कई औपचारिकताएं पूरी करने से मुक्ति मिल जाएगी। ईपीएफओ सदस्य को पहले नौकरी बदलते समय पीएफ खाताधारकों को यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) होने के बावजूद इसके लिए आवेदन संबंधी औपचारिकताएं करनी पड़ती थी। इसके तहत विशेष तरह का फॉर्म-31 भरकर जमा कराना होता था। इसके बाद राशि कुछ दिनों में नई कंपनी में ट्रांसफर कर दी जाती थी। न
अब नहीं होगा ये काम
जब कोई कर्मचारी नौकरी बदलता है तो उसके यूएएन (पीएफ खाते) में नई कंपनी या नियोक्ता जुड़ जाता है। उसे ईपीएफओ की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन पुराने पीएफ खाते को नए खाते से जोड़ना होता था। इस प्रक्रिया में ईपीएफओ सदस्यों को कई बार दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। पुराने और नए नियोक्ता को भी इसकी औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती थी।
EPFO का क्या है नियम
ईपीएफओ के नियम के मुताबिक, कर्मचारियों को पीएफ के लिए अपने वेतन का 12 फीसद योगदान देना होता है। नियोक्ताओं को भी इसके बराबर का योगदान देना होता है। इसी खाते के जरिए किसी कर्मचारी को आगे चलकर पेंशन मिलती है।
