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4 साल में दिया मल्टीबैगर रिटर्न! वन पॉइंट वन सॉल्यूशन शेयर में दिखा 5 फीसदी का उछाल, जानें वजह

One Point One Solutions के शेयरों में 5% की तेजी आई है क्योंकि कंपनी ने एक एआई-आधारित ऑटोनॉमस सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म के अधिग्रहण की घोषणा की है। यह अधिग्रहण कंपनी को पारंपरिक BPM क्षेत्र से निकालकर एक तकनीकी-प्रथम, AI-नेतृत्व वाली सॉफ्टवेयर कंपनी बनने की दिशा में ले जाएगा।

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वन पॉइंट सॉल्यूशन।

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • कंपनी एआई-पावर्ड ऑटोनॉमस कोडिंग प्लेटफॉर्म का अधिग्रहण कर रही है।
  • अधिग्रहण से कंपनी को $15 बिलियन वाले लो कोड/नो कोड सेगमेंट में बढ़त मिलेगी।
  • शेयर ने 4 साल में 3,000% से ज्यादा रिटर्न दिया है।

वन पॉइंट वन सॉल्यूशन के शेयरों में मंगलवार को करीब 5 फीसदी की उछाल देखने को मिली। यह कंपनी के डीप टेक (Deep-Tech) एआई-संचालित सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म में हिस्सेदारी खरीदने के टर्म शीट पर शाइन करने के बाद मिला। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर यह स्मॉल-कैप स्टॉक 15 अप्रैल को ₹61.40 पर बंद हुआ। अंत में यह पिछले चार वर्षों में इस शेयर ने निवेशकों को चौंका देने वाला 3,000 प्रतिशत रिटर्न दिया है।

कंपनी ने बताया कि यह अधिग्रहण सिर्फ एक रणनीतिक कदम नहीं बल्कि उसके व्यवसाय मॉडल को पूरी तरह बदलने की दिशा में एक साहसिक प्रयास है। One Point One अब पारंपरिक बिज़नेस प्रोसेस मैनेजमेंट (BPM) कंपनी से बदलकर एक तकनीक-प्रथम, एआई-नेतृत्व वाली सॉफ्टवेयर इनोवेशन कंपनी बनने जा रही है।

ऑटोनॉमस सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग प्लेटफॉर्म का अधिग्रहण

हालांकि अधिग्रहण किए जाने वाले स्टार्टअप का नाम अभी उजागर नहीं किया गया है, कंपनी का कहना है कि यह भारत का पहला एआई-पावर्ड ऑटोनॉमस सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग प्लेटफॉर्म है, जो फ्रंटएंड, बैकएंड और डाटाबेस लेयर के लिए पूरी तरह से स्वचालित, प्रोडक्शन-रेडी कोड तैयार करने में सक्षम है। यह प्लेटफॉर्म OutSystems, Mendix और Appian जैसे वैश्विक तकनीकी खिलाड़ियों से प्रतिस्पर्धा करता है, लेकिन इसकी खास बात यह है कि यह एक देसी गहन-तकनीकी प्लेटफॉर्म है, जिसे वैश्विक बाजार को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।

डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को मिलेगा नया आयाम

One Point One के चेयरमैन और एमडी, अक्षय छाबड़ा ने कहा, “यह अधिग्रहण एक टर्निंग पॉइंट है। हम सिर्फ एक प्लेटफॉर्म नहीं खरीद रहे, बल्कि हम भविष्य की सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट तकनीक अपना रहे हैं।” कंपनी को उम्मीद है कि यह अधिग्रहण भारत के $15 बिलियन के एआई-लो कोड/नो कोड (LCNC) सेगमेंट में उसे फर्स्ट-मूवर एडवांटेज देगा। साथ ही, इससे कंपनी को उच्च मार्जिन वाली नई आय का जरिया मिलेगा और BFSI, हेल्थटेक, लॉजिस्टिक्स, टेलीकॉम और रिटेल जैसे प्रमुख क्षेत्रों में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सेवाएं मजबूत होंगी।

डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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