वन पॉइंट वन सॉल्यूशन के शेयरों में मंगलवार को करीब 5 फीसदी की उछाल देखने को मिली। यह कंपनी के डीप टेक (Deep-Tech) एआई-संचालित सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म में हिस्सेदारी खरीदने के टर्म शीट पर शाइन करने के बाद मिला। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर यह स्मॉल-कैप स्टॉक 15 अप्रैल को ₹61.40 पर बंद हुआ। अंत में यह पिछले चार वर्षों में इस शेयर ने निवेशकों को चौंका देने वाला 3,000 प्रतिशत रिटर्न दिया है।
कंपनी ने बताया कि यह अधिग्रहण सिर्फ एक रणनीतिक कदम नहीं बल्कि उसके व्यवसाय मॉडल को पूरी तरह बदलने की दिशा में एक साहसिक प्रयास है। One Point One अब पारंपरिक बिज़नेस प्रोसेस मैनेजमेंट (BPM) कंपनी से बदलकर एक तकनीक-प्रथम, एआई-नेतृत्व वाली सॉफ्टवेयर इनोवेशन कंपनी बनने जा रही है।
ऑटोनॉमस सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग प्लेटफॉर्म का अधिग्रहण
हालांकि अधिग्रहण किए जाने वाले स्टार्टअप का नाम अभी उजागर नहीं किया गया है, कंपनी का कहना है कि यह भारत का पहला एआई-पावर्ड ऑटोनॉमस सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग प्लेटफॉर्म है, जो फ्रंटएंड, बैकएंड और डाटाबेस लेयर के लिए पूरी तरह से स्वचालित, प्रोडक्शन-रेडी कोड तैयार करने में सक्षम है। यह प्लेटफॉर्म OutSystems, Mendix और Appian जैसे वैश्विक तकनीकी खिलाड़ियों से प्रतिस्पर्धा करता है, लेकिन इसकी खास बात यह है कि यह एक देसी गहन-तकनीकी प्लेटफॉर्म है, जिसे वैश्विक बाजार को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।
डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को मिलेगा नया आयाम
One Point One के चेयरमैन और एमडी, अक्षय छाबड़ा ने कहा, “यह अधिग्रहण एक टर्निंग पॉइंट है। हम सिर्फ एक प्लेटफॉर्म नहीं खरीद रहे, बल्कि हम भविष्य की सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट तकनीक अपना रहे हैं।” कंपनी को उम्मीद है कि यह अधिग्रहण भारत के $15 बिलियन के एआई-लो कोड/नो कोड (LCNC) सेगमेंट में उसे फर्स्ट-मूवर एडवांटेज देगा। साथ ही, इससे कंपनी को उच्च मार्जिन वाली नई आय का जरिया मिलेगा और BFSI, हेल्थटेक, लॉजिस्टिक्स, टेलीकॉम और रिटेल जैसे प्रमुख क्षेत्रों में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सेवाएं मजबूत होंगी।
डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
