भारत के सबसे बड़े उद्योगपतियों में शामिल मुकेश अंबानी एक बार फिर एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में आई तेजी ने उनकी संपत्ति में जबरदस्त इजाफा किया है। फोर्ब्स की रियल टाइम बिलियनेयर्स लिस्ट के मुताबिक, 3 नवंबर 2026 को उनकी कुल नेटवर्थ बढ़कर 88.8 अरब डॉलर पहुंच गई। इस बढ़ोतरी के साथ उन्होंने चीन की कंपनी ByteDance के को-फाउंडर झांग यिमिंग को पीछे छोड़ दिया है। वहीं, गौतम अडानी की नेटवर्थ इस समय 80.1 अरब डॉलर बताई गई है।
एक दिन में 8.5 अरब डॉलर बढ़ी दौलत
मुकेश अंबानी की संपत्ति में यह उछाल अचानक नहीं आया है। सोमवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में करीब 12 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। इससे कंपनी का मार्केट कैप 19 अरब डॉलर से ज्यादा बढ़ गया। शेयरों में इस तेजी का सीधा फायदा मुकेश अंबानी की संपत्ति को मिला। उनकी नेटवर्थ में करीब 10.5 फीसदी का इजाफा हुआ और एक ही दिन में दौलत लगभग 8.5 अरब डॉलर बढ़ गई। इस उछाल के बाद वह दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में 22वें स्थान पर पहुंच गए।
रिलायंस के शानदार नतीजों से शेयरों को मिला सहारा
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में तेजी की एक बड़ी वजह कंपनी के मजबूत तिमाही नतीजे भी रहे। जुलाई से सितंबर तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 28 फीसदी बढ़कर 3.62 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वहीं, EBITDA 24 फीसदी बढ़कर 62,409 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का नेट प्रॉफिट भी 34 फीसदी बढ़कर 29,550 करोड़ रुपये हो गया। यह कंपनी का अब तक का सबसे अच्छा तिमाही प्रदर्शन बताया गया है।
जियो की लिस्टिंग ने भी बढ़ाई रिलायंस की ताकत
रिलायंस की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में एंट्री भी कंपनी के लिए अहम रही। 28 अक्टूबर को लिस्टिंग के दिन जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों में करीब 27 फीसदी की तेजी आई थी। रिलायंस इंडस्ट्रीज की इसमें लगभग 66 फीसदी हिस्सेदारी है। इसके अलावा कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल्स, रिटेल और डिजिटल कारोबार ने भी अच्छे नतीजे दिए हैं। इन सभी वजहों से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ और रिलायंस के शेयरों में तेजी देखने को मिली।
दुनिया के अमीरों की सूची में कौन आगे?
फोर्ब्स की रियल टाइम लिस्ट के मुताबिक, मुकेश अंबानी की नेटवर्थ 88.8 अरब डॉलर है, जबकि झांग यिमिंग की संपत्ति करीब 84 अरब डॉलर बताई गई है। गौतम अडानी 80.1 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ उनसे पीछे हैं। हालांकि, अरबपतियों की रैंकिंग शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव के साथ बदलती रहती है। इसलिए यह आंकड़े स्थायी नहीं हैं और बाजार में बदलाव के साथ इनकी संपत्ति और रैंकिंग भी बदल सकती है।
