Many Blinkits Delivery Executives join rival companies: Zomato की मालिकाना हक वाली Blinkit को डिलिवरी पार्टनर के पे-स्ट्रक्टर में बदलाव करना भारी पड़ रहा है। पिछले 20 दिनों से जारी डिलिवरी पार्टनर की हड़ताल के बीच कंपनी को एक और झटका लगा है। Blinkit से जुड़े करीब 1000 डिलिवरी एक्जीक्यूटिव ने कंपनी छोड़कर swiggy,zepto, BB Now जैसी प्रतिद्वंदी कंपनियां ज्वाइन कर ली है। हड़ताल से दिल्ली और एनसीआर में ग्राहकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी के डिलिवरी पार्टनर का दावा है कि पे-स्ट्रक्चर में नए बदलाव से उनकी इनकम आधी रह जाएगी।
क्या है मामला
इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार इस हड़ताल का Blinkit के डार्क स्टोर पर बुरा असर हुआ है। कंपनी के दिल्ली-एनसीआर में 200 के करीब डार्क स्टोर हैं। रिपोर्ट के अनुसार कंपनी पहले प्रति ऑर्डर 50 रुपये का पेमेंट करती थी। जिसे 25 रुपये कर दिया गया। और पीक ऑवर डिलिवरी में 7 रुपये के इंसेटिव की बात कही गई थी। असल में कंपनी ने जिस तरह डिलिवरी पार्टनर के सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव किया है, उसकी वजह से कर्मचारियों को कमाई आधा होने की आशंका है। बात बनती नहीं देख अब कर्मचारी दूसरी कंपनियों की ओर रुख कर रहे हैं।
ईटी के अनुसार कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए पिछले हफ्ते कंपनी ने नोएडा-दिल्ली के लिए 10 दिन का स्पेशल इंसेंटिव रेट जारी किया था। कंपनी का दावा था कि इस रेट के जरिए कर्मचारी 700-1200 रुपये तक कमाई कर सकते हैं। लेकिन लगता है कंपनी की कवायद भी कर्मचारियों का भरोसा जीतने में कामयाब नहीं रही है। इस संबंध में ईटी ने जोमैटो को ई-मेल भी भेजा था। लेकिन खबर लिखे जाने के वक्त तक कंपनी के तरफ से कर्मचारियो के छोड़ने के मामले पर कोई जवाब नहीं आया।
कैसे बनते हैं डिलिवरी पार्टनर
रिपोर्ट के अनुसार हड़ताल से पहले दिल्ली-एनसीआर में कंपनी के 3000 के करीब डिलिवरी पार्टनर हैं। कंपनी के डिलिवरी पार्टनर बनने के लिए राइडर के पास एक बाइक, स्मार्टफोन और इंटरनेट कनेक्शन होना चाहिए। कंपनी की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार एक डिलिवरी पार्टनर इंसेंटिव आदि के जरिए महीने में 40 हजार रुपये की कमाई कर सकता है। इसके अलावा पार्टनर को हफ्ते के आधार पर पेमेंट किया जाता है। और वह 4,8 और 10 घंटे की शिफ्ट भी कर सकता है। साथ ही कंपनी पार्टनर इंश्योरेंस कवरेज की सुविधा देती है।
