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मूडीज का अनुमान: 2026-27 में भारत की GDP 6.4% बढ़ेगी, जी-20 में सबसे तेज!

India GDP growth: भारत की जीडीपी अगले वित्त वर्ष में 6.4% बढ़ने का अनुमान है। यह वृद्धि घरेलू खपत की मजबूती, नीतिगत उपायों और स्थिर बैंकिंग प्रणाली की वजह से जी-20 देशों में सबसे तेज होगी। यह जानकारी रेटिंग एजेंसी मूडीज रेटिंग्स ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट में दी।

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भारत की जीडीपी 2026-27 में 6.4% बढ़ने का अनुमान, बैंकिंग प्रणाली मजबूत बनी रहेगी: मूडीज (तस्वीर-istock)

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India GDP growth: रेटिंग एजेंसी मूडीज रेटिंग्स ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट में कहा कि भारत की वास्तविक जीडीपी दर वित्त वर्ष 2026-27 में 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। एजेंसी ने यह वृद्धि मुख्य रूप से घरेलू खपत में मजबूती, नीतिगत उपायों और स्थिर बैंकिंग प्रणाली के कारण होने का अनुमान लगाया है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो भारत की वृद्धि दर जी-20 देशों में सबसे तेज होगी।

बैंकिंग प्रणाली मजबूत, एमएसएमई पर हल्का दबाव

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक मूडीज ने अपनी बैंकिंग प्रणाली परिदृश्य रिपोर्ट में कहा कि बैंकों की परिसंपत्ति गुणवत्ता मजबूत बनी रहेगी, यानी बैंक के पास अपने ऋणों और निवेशों को संभालने की क्षमता अच्छी रहेगी। हालांकि, सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) में कुछ वित्तीय दबाव देखा जा सकता है। इसके बावजूद, बैंकों के पास ऋण नुकसान को झेलने के लिए पर्याप्त भंडार मौजूद हैं। एजेंसी ने यह भी कहा कि मजबूत आर्थिक परिस्थितियाँ और संरचनात्मक सुधार बैंकों के लिए 2026 में परिचालन माहौल को स्थिर और मजबूत बनाए रखेंगे। इसका मतलब यह है कि बैंक सामान्य स्थिति में अपने कामकाज को बिना किसी बड़ी परेशानी के जारी रख सकेंगे।

घरेलू खपत और नीतिगत उपाय वृद्धि को देंगे सहारा

मूडीज ने रिपोर्ट में कहा कि सेंप्टर 2025 में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) का युक्तिकरण और उससे पहले व्यक्तिगत आयकर की सीमा बढ़ाना उपभोक्ताओं की खरीदारी क्षमता को बढ़ाएगा। इसका असर सीधे खपत पर पड़ेगा और इस तरह से विकास की गति तेज बनी रहेगी। एजेंसी ने बताया कि घरेलू खपत में मजबूती और नीतिगत उपायों की वजह से भारत की जीडीपी दर अन्य जी-20 देशों से तेज बढ़ेगी।

सरकारी अनुमान मूडीज के अनुमान से थोड़ा अधिक

हालांकि, मूडीज का यह अनुमान वित्त मंत्रालय के अनुमान 6.8-7.2 प्रतिशत से थोड़ा कम है। मंत्रालय ने अपनी आर्थिक समीक्षा में 2026-27 के लिए यह अनुमान दिया है। वहीं, चालू वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने की संभावना है, जो पिछले वर्ष 2024-25 की 6.5 प्रतिशत दर से अधिक है।

मुद्रास्फीति नियंत्रण में, आरबीआई की नीति सतर्क

मूडीज ने यह भी कहा कि मुद्रास्फीति नियंत्रण में रहने और वृद्धि की गति मजबूत रहने की स्थिति में, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) मौद्रिक नीति में केवल तभी ढील देगा, जब अर्थव्यवस्था में सुस्ती के संकेत दिखाई देंगे। साल 2025 में, आरबीआई ने अपनी नीतिगत दर में कुल 1.25 प्रतिशत की कटौती कर इसे 5.25 प्रतिशत कर दिया था।

ऋण वृद्धि में मामूली तेजी

मूडीज ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में बैंकिंग प्रणाली में ऋण वृद्धि 11-13 प्रतिशत तक रह सकती है। यह चालू वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक की 10.6 प्रतिशत से थोड़ी बढ़ोतरी को दर्शाता है। इसका मतलब है कि बैंक अपने ग्राहकों को कर्ज देने में कुछ और तेजी ला सकते हैं, लेकिन यह वृद्धि संतुलित और नियंत्रित रहेगी।

सारांश में, मूडीज की रिपोर्ट से यह साफ है कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत और स्थिर बनी रहेगी। घरेलू खपत में मजबूती, नीतिगत सुधार और बैंकिंग प्रणाली की मजबूती के कारण, भारत की वृद्धि दर अगले वित्त वर्ष में जी-20 देशों में सबसे तेज रहने की संभावना है। हालांकि, एमएसएमई क्षेत्र में हल्के दबाव और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर नजर रखना जरूरी होगा।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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