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नॉर्थईस्ट में मिजोरम के इस जिले ने किया कमाल, नीति आयोग ने किया खुलासा

Northeast District Ranking: नीति आयोग (NITI Aayog) ने उत्तर-पूर्वी क्षेत्र जिला एसडीजी सूचकांक 2023-24 का दूसरा संस्करण जारी किया, जिसमें मिजोरम का हनहथियाल जिला 81.43 अंकों के साथ टॉप पर रहा। इसे सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय विकास में चुनौतियों से निपटने के प्रयासों के आधार पर सर्वोच्च स्थान मिला। वहीं, अरुणाचल प्रदेश का लोंगडिंग जिला 58.71 अंकों के साथ सबसे नीचे रहा।

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पूर्वोत्तर जिलों की नीति आयोग की रैंकिंग (तस्वीर-istock)

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Northeast District Ranking: नीति आयोग (NITI Aayog) ने अपने उत्तर-पूर्वी क्षेत्र जिला एसडीजी सूचकांक 2023-24 का दूसरा संस्करण जारी किया है, जिसमें मिजोरम का हनहथियाल जिला 81.43 अंकों के साथ टॉप स्थान पर रहा है। इस रैंकिंग में हनहथियाल जिले को सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय विकास सुनिश्चित करने के लिए चुनौतियों से निपटने के प्रयासों के आधार पर सर्वोच्च माना गया है। इसके विपरीत, अरुणाचल प्रदेश का लोंगडिंग जिला 58.71 अंकों के साथ पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में सबसे नीचे रहा है।

पूर्वोत्तर के जिलों की बढ़ती प्रतिस्पर्धा

नीति आयोग के मुताबिक इस बार पूर्वोत्तर के 85 प्रतिशत जिलों ने 65 से 99 के कुल स्कोर के बीच अंक हासिल कर अग्रणी श्रेणी में स्थान बनाया है, जबकि पिछले संस्करण में केवल 62 प्रतिशत जिले ही इस श्रेणी में थे। इससे यह संकेत मिलता है कि पूर्वोत्तर क्षेत्र के जिलों में सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय क्षेत्रों में बेहतर प्रगति हो रही है।

सूचकांक की महत्ता और उद्देश्य

नीति आयोग ने बताया कि यह सूचकांक क्षेत्रीय स्तर पर विकास की निगरानी में सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह न केवल विकास चुनौतियों का समाधान करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि यह सुनिश्चित करता है कि पूर्वोत्तर के सभी जिले समान रूप से विकास की प्रक्रिया में शामिल हों और कोई भी पिछड़ न जाए। सूचकांक सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय तीनों आयामों में जिलों की स्थिति को मापता है।

विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन में अंतर

सूचकांक में नागालैंड के जिलों के बीच प्रदर्शन में सबसे अधिक 15.07 अंकों का अंतर देखा गया है, जबकि सिक्किम में यह अंतर सबसे कम 5.5 अंक का रहा है। इससे पता चलता है कि कुछ राज्यों में जिलों के बीच विकास की गति और गुणवत्ता में व्यापक अंतर है।

अधिक जिलों का शामिल होना

पूर्वोत्तर भारत के कुल 131 जिलों में से इस बार 121 जिलों को इस रैंकिंग में शामिल किया गया है, जो 2021 में जारी पिछले संस्करण के 105 जिलों की तुलना में काफी अधिक है। यह दर्शाता है कि नीति आयोग लगातार अधिक जिलों को इस निगरानी तंत्र में शामिल कर विकास की समग्र तस्वीर को बेहतर बना रहा है। इस रैंकिंग के जरिए पूर्वोत्तर क्षेत्र के जिलों को अपनी कमजोरियों को समझने और सुधार की दिशा में काम करने का अवसर मिलेगा, जिससे समग्र विकास सुनिश्चित हो सकेगा। (भाषा इनपुट के साथ)

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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