Mahadev Book App Scam: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दावा किया है कि महादेव बुक ऐप (Mahadev Book App) के प्रमोटरों ने ऑनलाइन एप्लिकेशन के जरिए अवैध बेट की पेशकश करके हर महीने 450 करोड़ रुपये कमाए। अपनी प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (पीसी) में, जो एक चार्ज शीट के बराबर होता है, ईडी ने कहा कि इस राशि का एक बड़ा हिस्सा विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) जरिए भारतीय शेयर बाजार में निवेश किया गया है।
5000 करोड़ रु का है घोटाला
ईटी की एक रिपोर्ट के अनुसार ईडी, ने इस घोटाले के 5,000 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान लगाया है। इसने मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर (Sourabh Chandrakar) और रवि उप्पल (Ravi Uppal) को बार-बार समन भेजा है।
यहां तक कि उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया गया है और नोडल एजेंसी (CBI) को पत्र जारी करने के अनुरोध के साथ लिखा है कि दोनों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जाए।
इस देश की ले ली है नागरिकता
ईटी की एक रिपोर्ट के अनुसार जांच से पता चला है कि दोनों ने ओशिनिया देश वानूआतू की नागरिकता हासिल कर ली है। विदेश मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक भारत और वानूआतू गणराज्य के बीच संबंध दोस्ताना हैं। भारत पापुआ न्यू गिनी और फिजी के बीच दक्षिण प्रशांत मेलानेशियन क्षेत्र में स्थित इस देश को सहायता प्रदान करता है।
हालाँकि, यह स्पष्ट नहीं है कि फरार आरोपियों को सजा दिलाने के लिए दोनों देशों के बीच कोई संधि है या नहीं।
विदेशों में घूम रहे प्रमोटर
ऐप्लिकेशन के मेन प्रमोटर विदेश में हैं। शुरुआत में वे यूएई चले गए लेकिन अब उनके श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया, लंदन और कैरेबियाई देशों में घूमने का शक है। लगभग 1,000 व्हाट्सएप यूजर्स को रोजगार देने वाला मेन कॉल सेंटर यूएई से चल रहा था।
