Johnson and Johnson: भारत सहित कई देशों में टैल्कम बेबी पाउडर बेचनी वाली जॉनसन एंड जॉनसन ने अहम प्रस्ताव दिया है। दरअसल इसके टैल्कम पाउडर उत्पादों से कैंसर होने की रिपोर्ट सामने आई थी। जिसके बाद अमेरिकी फार्मास्युटिकल कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन सालों से मुकदमों चल रहा था। जिसके चलते मंगलवार को कंपनी ने 8.9 बिलियन डॉलर के समझौते का प्रस्ताव दिया है। यानी उन हजारों लोगों में 8.9 अरब डॉलर का भुगतान करेगा, जिन्होंने कंपनी के टैल्कम पाउडर से कैंसर होने का आरोप लगाया था। हालांकि इस पर अभी मंजूरी मिलना बाकी है।
मुकादमा लड़ रहे वकीलों जाहिर की खुशी
जॉनसन एंड जॉनसन पर करीब 38000 महिलाओं ने मुकदमा किया था। महिलाओं ने कंपनी पर लगाया है कि उसके प्रोडक्ट में एस्बेस्टस नाम का एलिमेंट है जिसकी वजह से उन महिलाओं को ओवरी कैंसर हुआ। कंपनी के इस फैसले से एक बयान में लगभग 70,000 अभियोगी का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों के एक समूह ने इस सौदे को “मील का पत्थर” और “उन हजारों महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण जीत बताया, जिनके स्त्री रोग संबंधी कैंसर जेएंडजे के टैल्क आधारित उत्पादों के कारण हुए थे।” जॉनसन एंड जॉनसन ने कहा कि कॉस्मेटिक टैल्क से संबंधित ज्यूरी ट्रायल में उसने अधिकांश में जीत हासिल की है। साथ ही बहुत नुकसान का भी सामना करना पड़ा।
मंजूरी मिलने का इंतजार
किसी सौदे को अंतिम रूप देने के लिए अदालत को पहले जॉनसन एंड जॉनसन की सहायक कंपनी एलटीएल मैनेजमेंट की दी गई दिवालियापन फाइलिंग को स्वीकार करना होगा और फिर स्वयं निपटारे को मंजूरी देनी होगी। जॉनसन एंड जॉनसन ने 2021 में खुद को टैल्क मुकदमे से बचाने के लिए एलटीएल बनाया था। अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो समझौता लंबे समय से चल रहा कानूनी विवाद को राहत मिल जाएगी। इसकी वजह से कंपनी की छवि को बहुत नुकसान पहुंचा है।
