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टैल्कम पाउडर कैंसर मामले में बड़ा फैसला, जॉनसन एंड जॉनसन 8.9 बिलियन डॉलर का चुकाने का दिया प्रस्ताव

  • Authored by: आशीष कुशवाहा
  • Updated Apr 5, 2023, 10:39 AM IST

Johnson and Johnson:भारत सहित कई देशों में टैल्कम बेबी पाउडर बेचनी वाली जॉनसन एंड जॉनसन ने अहम प्रस्ताव दिया है। दरअसल इसके टैल्कम पाउडर उत्पादों से कैंसर होने की रिपोर्ट सामने आई थी। जिसके बाद अमेरिकी फार्मास्युटिकल कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन सालों से मुकदमों चल रहा था। जिसके चलते मंगलवार को कंपनी ने 8.9 बिलियन डॉलर के समझौते का प्रस्ताव दिया है। यानी उन हजारों लोगों में 8.9 अरब डॉलर का भुगतान करेगा, जिन्होंने कंपनी के टैल्कम पाउडर से कैंसर होने का आरोप लगाया था।

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Johnson and Johnson:भारत सहित कई देशों में टैल्कम बेबी पाउडर बेचनी वाली जॉनसन एंड जॉनसन ने अहम प्रस्ताव दिया है। दरअसल इसके टैल्कम पाउडर उत्पादों से कैंसर होने की रिपोर्ट सामने आई थी।

Photo : iStock

Johnson and Johnson: भारत सहित कई देशों में टैल्कम बेबी पाउडर बेचनी वाली जॉनसन एंड जॉनसन ने अहम प्रस्ताव दिया है। दरअसल इसके टैल्कम पाउडर उत्पादों से कैंसर होने की रिपोर्ट सामने आई थी। जिसके बाद अमेरिकी फार्मास्युटिकल कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन सालों से मुकदमों चल रहा था। जिसके चलते मंगलवार को कंपनी ने 8.9 बिलियन डॉलर के समझौते का प्रस्ताव दिया है। यानी उन हजारों लोगों में 8.9 अरब डॉलर का भुगतान करेगा, जिन्होंने कंपनी के टैल्कम पाउडर से कैंसर होने का आरोप लगाया था। हालांकि इस पर अभी मंजूरी मिलना बाकी है।

मुकादमा लड़ रहे वकीलों जाहिर की खुशी

जॉनसन एंड जॉनसन पर करीब 38000 महिलाओं ने मुकदमा किया था। महिलाओं ने कंपनी पर लगाया है कि उसके प्रोडक्ट में एस्बेस्टस नाम का एलिमेंट है जिसकी वजह से उन महिलाओं को ओवरी कैंसर हुआ। कंपनी के इस फैसले से एक बयान में लगभग 70,000 अभियोगी का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों के एक समूह ने इस सौदे को “मील का पत्थर” और “उन हजारों महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण जीत बताया, जिनके स्त्री रोग संबंधी कैंसर जेएंडजे के टैल्क आधारित उत्पादों के कारण हुए थे।” जॉनसन एंड जॉनसन ने कहा कि कॉस्मेटिक टैल्क से संबंधित ज्यूरी ट्रायल में उसने अधिकांश में जीत हासिल की है। साथ ही बहुत नुकसान का भी सामना करना पड़ा।

मंजूरी मिलने का इंतजार

किसी सौदे को अंतिम रूप देने के लिए अदालत को पहले जॉनसन एंड जॉनसन की सहायक कंपनी एलटीएल मैनेजमेंट की दी गई दिवालियापन फाइलिंग को स्वीकार करना होगा और फिर स्वयं निपटारे को मंजूरी देनी होगी। जॉनसन एंड जॉनसन ने 2021 में खुद को टैल्क मुकदमे से बचाने के लिए एलटीएल बनाया था। अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो समझौता लंबे समय से चल रहा कानूनी विवाद को राहत मिल जाएगी। इसकी वजह से कंपनी की छवि को बहुत नुकसान पहुंचा है।

आशीष कुशवाहा
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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