आजकल नौकरीपेशा लोगों की सबसे बड़ी चिंता सिर्फ सैलरी बढ़ने की नहीं, बल्कि नौकरी सुरक्षित रहने की भी है। क्योंकि अगर अचानक नौकरी चली गई तो सबसे पहले टेंशन EMI और घर-खर्च की ही होती है। ऐसे वक्त में Job Loss Insurance एक ढाल की तरह काम करता है। यह बीमा आपकी किस्तें और जरूरी खर्चे उठाकर आपको मुश्किल हालात में भी राहत देता है।
क्या है Job Loss Insurance?
जॉब लॉस इंश्योरेंस एक ऐसा कवर है जो नौकरी छूटने पर आपको आर्थिक मदद देता है। इसे आमतौर पर होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन के साथ ऐड-ऑन के रूप में लिया जा सकता है। इसका मकसद यह है कि नौकरी जाने के बावजूद आपकी EMI समय पर भरती रहे और क्रेडिट स्कोर खराब न हो।
कैसे करता है मदद?
मान लीजिए आपने कोई लोन लिया है और अचानक नौकरी चली जाती है। ऐसे में इंश्योरेंस कंपनी आपकी EMI का बोझ कुछ समय तक उठाती है। यह अवधि आमतौर पर 3 से 6 महीने की होती है। यानी उस दौरान आपको EMI की चिंता नहीं करनी पड़ती और आपको दोबारा नौकरी खोजने का समय मिल जाता है।
कब ले सकते हैं ये इंश्योरेंस?
यह बीमा आप लोन लेते समय बैंक या NBFC से ऐड-ऑन के रूप में ले सकते हैं। कुछ बीमा कंपनियां इसे अलग से भी ऑफर करती हैं। इसके लिए आपको एक तय प्रीमियम देना होता है, जो आपके लोन की राशि और पॉलिसी अवधि पर निर्भर करता है।
कब नहीं मिलेगा फायदा?
ध्यान रखें कि यह बीमा सिर्फ उन्हीं लोगों के लिए है जो किसी कंपनी में फुल-टाइम नौकरी करते हैं। अगर आपने खुद इस्तीफा दिया है या आपकी नौकरी misconduct (अनुशासनहीनता) की वजह से गई है, तो आपको इसका लाभ नहीं मिलेगा। लेकिन अगर कंपनी ने आपको lay-off किया है या कंपनी बंद हो गई है, तो ऐसे मामलों में यह बीमा काम आएगा।
कुल मिलाकर, Job Loss Insurance नौकरी जाने की स्थिति में आपको और आपके परिवार को आर्थिक सुरक्षा देता है। EMI और जरूरी खर्च पूरे होते रहते हैं और आपको दोबारा संभलने का समय मिल जाता है।
