बिजनेस

Jio IPO: मुकेश अंबानी का बड़ा दांव, 2.5% हिस्सेदारी बेचकर 36,000 करोड़ जुटाने की तैयारी: रिपोर्ट

Jio IPO को लेकर बाजार में हलचल तेज हो गई है। Reliance Industries के चेयरमैन मुकेश अंबानी बड़ा दांव खेलने की तैयारी में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Jio Platforms में सिर्फ 2.5% हिस्सेदारी बेचकर करीब 36,000 करोड़ रुपये जुटाने का प्लान बनाया जा रहा है। अगर यह डील पूरी होती है, तो यह न सिर्फ भारत के सबसे बड़े IPOs में शामिल होगी, बल्कि घरेलू शेयर बाजार के लिए एक नया बेंचमार्क भी सेट कर सकती है।

Image

जियो आईपीओ (इमेज क्रेडिट, ओपन एआई, RIL)

Jio IPO को लेकर रिलायंस इंडस्ट्रीज ने तैयारियां तेज कर दी हैं। RIL के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने पिछले वर्ष ही ऐलान कर दिया था कि 2026 में Jio IPO लाया जाएगा। Reliance Jio Platforms का IPO भारतीय शेयर बाजार के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है। ET की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी इस साल सिर्फ 2.5% हिस्सेदारी बेचकर 4 अरब डॉलर यानी करीब 36,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जुटाने पर विचार कर रही है। अगर यह प्लान जमीन पर उतरता है, तो यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO होगा।

Valuation ने बढ़ाया बाजार का रोमांच

रिपोर्ट में बताया गया है कि इन्वेस्टमेंट बैंक Jefferies के अनुमान के मुताबिक, Jio की valuation करीब 180 अरब डॉलर आंकी गई है। इस valuation पर 2.5% stake sale से करीब 4.5 अरब डॉलर जुट सकते हैं, जो पिछले साल Hyundai Motor India के 3.3 अरब डॉलर के IPO से भी बड़ा होगा। कुछ बैंकर Jio की संभावित valuation 200 से 240 अरब डॉलर तक मान रहे हैं, जिससे निवेशकों की दिलचस्पी और तेज हो गई है।

कम स्टेक, ज्यादा डिमांड

Mukesh Ambani की रणनीति साफ दिखती है। इतनी बड़ी कंपनी के लिए शुरुआती लिस्टिंग में सीमित हिस्सेदारी उतारना प्राइस स्टेबिलिटी और प्रीमियम दोनों के लिए फायदेमंद माना जाता है। यही वजह है कि Jio IPO में छोटा हिस्सा, लेकिन ऊंचा वैल्यूएशन देखने को मिल सकती है।

SEBI के नियमों पर टिकी बड़ी डील

Jio IPO का आकार SEBI के उस प्रस्ताव से भी जुड़ा है, जिसमें बड़े IPOs के लिए मिनिमम पब्लिक फ्लोट 5% से घटाकर 2.5% करने की बात कही गई है। अगर यह नियम लागू होता है, तो Jio जैसी बड़ी कंपनियों के लिए IPO का रास्ता और आसान हो जाएगा।

AI और डिजिटल बिजनेस बना वैल्यू का इंजन

पिछले कुछ सालों में Jio सिर्फ टेलीकॉम कंपनी नहीं रही, बल्कि डिजिटल, क्लाउड और AI Ecosystem में तेजी से आगे बढ़ी है। KKR, General Atlantic, Silver Lake और Abu Dhabi Investment Authority जैसे ग्लोबल इन्वेस्टर्स पहले ही कंपनी में बड़ा निवेश कर चुके हैं। Nvidia के साथ AI इन्फ्रास्ट्रक्चर पार्टनरशिप को भी वैल्यूएशन ड्राइवर माना जा रहा है।

IPO की टाइमिंग

Ambani पहले ही संकेत दे चुके हैं कि Jio की लिस्टिंग 2026 की पहली छमाही में आ सकता है। भारत का IPO मार्केट मजबूत मोमेंटम में है और 2025 में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा प्राइमरी इक्विटी मार्केट रहा। ऐसे माहौल में Jio IPO घरेलू और विदेशी निवेशकों दोनों के लिए बड़ा अवसर बन सकता है।

डिस्क्लेमर: TimesNow Hindi किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

और पढ़ें
End of Article