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36671 करोड़ रुपये की हेराफेरी करने वाली Jane Street के खिलाफ सेबी की कार्रवाई पर 25 फरवरी को SAT में होगी सुनवाई

Share Market Fraud के मामले में SEBI की सख्ती के खिलाफ Jane Street Group की कानूनी लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर है। 25 फरवरी को SAT में सुनवाई तय होने से यह साफ है कि डेरिवेटिव्स मार्केट में ‘इंडेक्स लेवल मैनिपुलेशन’ के आरोपों पर अब नियामक बनाम ग्लोबल ट्रेडिंग फर्म की जंग तेज होने वाली है।

Sebi vs Jane Street

सेबी बनाम जेन स्ट्रीट (फोटो क्रेडिट, कैन्वा)

Securities Appellate Tribunal (SAT) 25 फरवरी को Jane Street Group की उस अपील पर सुनवाई करेगा, जो उसने SEBI के अंतरिम आदेश के खिलाफ दायर की है। यह आदेश 3 जुलाई को जारी हुआ था, जिसमें SEBI ने Jane Street Group की कुछ इकाइयों को ‘अगले आदेश तक’ ट्रेडिंग से डिबार कर दिया था। SEBI के आदेश में JSI Investments, JSI2 Investments Pvt Ltd, Jane Street Singapore Pte Ltd और Jane Street Asia Trading शामिल हैं, जिन्हें मिलाकर Jane Street Group कहा गया है। SEBI ने कहा था कि जांच जारी रहेगी और तब तक इन इकाइयों पर ट्रेडिंग प्रतिबंध रहेगा।

SEBI का आरोप

SEBI के मुताबिक Jane Street Group ने भारतीय शेयर बाजार में इंडेक्स लेवल को प्रभावित करने के लिए खास रणनीतियां अपनाईं। आरोप यह है कि ग्रुप ने अत्यधिक लिक्विड Bank Nifty और Nifty इंडेक्स ऑप्शंस सेगमेंट में बड़े पैमाने पर पोजिशन लेकर, कैश और फ्यूचर्स में बड़े ट्रेड्स के जरिए इंडेक्स की दिशा प्रभावित की और फिर ऑप्शंस में भारी मुनाफा कमाया। SEBI का दावा है कि दो साल की अवधि में इस कथित स्कीम से कुल नेट मुनाफा 36,671 करोड़ रुपये तक पहुंचा।

सेबी की जांच में क्या आया?

SEBI की जांच में दावा किया गया कि जनवरी 2023 से मई 2025 के बीच कम से कम 21 एक्सपायरी दिनों पर ग्रुप ने कैश और फ्यूचर्स मार्केट में बड़े ट्रेड्स करके इंडेक्स मूवमेंट को प्रभावित किया। इसके बाद ऑप्शंस में ली गई बड़ी पोजिशन के जरिए फायदा उठाया गया। यानी आरोप यह नहीं है कि यह एक बार की घटना थी, बल्कि एक पैटर्न के तहत कई एक्सपायरी सेशंस में इसे दोहराया गया।

कितना हुआ नफा-नुकसान?

जेन स्ट्रीट को कुल 44,358 करोड़ रुपये का ऑप्शंस गेन हुआ। लेकिन, कुछ सेगमेंट में नुकसान भी हुआ। SEBI के अनुसार जनवरी 2023 से मार्च 2025 के बीच Jane Street Group ने इंडेक्स ऑप्शंस से 44,358 करोड़ रुपये का गेन किया। यही उनकी कमाई का सबसे बड़ा हिस्सा रहा। हालांकि कुछ अन्य सेगमेंट में नुकसान भी दर्ज हुआ। स्टॉक फ्यूचर्स में 7,208 करोड़ रुपये का नुकसान, इंडेक्स फ्यूचर्स में 191 करोड़ रुपये का नुकसान और कैश मार्केट में 288 करोड़ रुपये का नुकसान बताया गया। इन सबको जोड़ने के बाद SEBI ने नेट प्रॉफिट 36,671 करोड़ रुपये आंका है।

क्या है सेबी का मानना?

SEBI ने यह भी कहा कि भारत में JSI Investments Private Limited के गठन से ग्रुप को एक तरह से “वर्कअराउंड” मिला, जिससे वह FPI नियमों में मौजूद कुछ प्रतिबंधों को बायपास कर सके। SEBI के मुताबिक FPI नियम FPIs को इंट्राडे कैश मार्केट ट्रांजैक्शन से रोकते हैं, लेकिन भारतीय इकाई के जरिए कथित स्कीम को अंजाम देना आसान हुआ।

कब कसा नियामकीय शिकंजा?

Bloomberg की रिपोर्ट के मुताबिक Jane Street की इंडिया यूनिट ने FY25 में ट्रेडिंग गेन में तेज उछाल दर्ज किया। रिपोर्ट के अनुसार नेट ट्रेडिंग गेन करीब 47 अरब रुपये रहा और आफ्टर टैक्स प्रॉफिट में 494% सालाना उछाल आया। यह ग्रोथ उस समय दिखी जब तक नियामकीय कार्रवाई ने ऑपरेशंस पर ब्रेक नहीं लगाया था। लेकिन, बाद में कई प्रोपराइटर ट्रेडर्स की तरफ से मामला उठाए जाने के बाद सेबी ने इसकी जांच शुरू की।

Jane Street कौन है?

Jane Street Group LLC की स्थापना 2000 में हुई थी। यह एक ग्लोबल प्रॉप्राइटरी ट्रेडिंग फर्म है, जो फाइनेंशियल सर्विसेज इंडस्ट्री में काम करती है। कंपनी के 2,600 से ज्यादा कर्मचारी हैं और इसके ऑफिस अमेरिका, यूरोप और एशिया में हैं। ग्रुप 45 देशों में ट्रेडिंग ऑपरेशंस करता है।

अब आगे क्या?

SAT की सुनवाई इस केस का बड़ा टर्निंग पॉइंट हो सकती है क्योंकि SEBI का आदेश “इंटरिम” है, लेकिन इसका असर सीधे ट्रेडिंग पर पड़ा है। Jane Street की अपील में मुख्य सवाल यही रहेगा कि क्या SEBI का अंतरिम प्रतिबंध पर्याप्त आधार और सबूतों के साथ लगाया गया या नहीं। दूसरी तरफ, SEBI के लिए यह केस डेरिवेटिव्स मार्केट की “फेयरनेस” और “इंडेक्स इंटीग्रिटी” से जुड़ा बड़ा रेगुलेटरी टेस्ट है। 25 फरवरी को होने वाली सुनवाई से यह संकेत भी मिलेगा कि कोर्ट/ट्रिब्यूनल ऐसे हाई-प्रोफाइल मार्केट मैनिपुलेशन मामलों में अंतरिम प्रतिबंधों को किस नजरिए से देखता है।

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यतींद्र लवानिया
यतींद्र लवानिया author

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों... और देखें

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