Engineering Goods Exports: प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं में भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) और सख्त वित्तीय स्थितियों से सामने आने वाली विभिन्न चुनौतियों के बावजूद भारत का इंजीनियरिंग सामान का निर्यात 2023 के दिसंबर महीने में 10.20 प्रतिशत की सालाना वृद्धि के साथ 10.04 अरब डॉलर (83428 करोड़ रु) रहा। इंडियन इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (ईईपीसी) के चेयरमैन अरुण कुमार गरोडिया ने कहा है कि हालांकि यह ग्रोथ एक मजबूत रिवकरी को दिखाता है लेकिन मौजूदा वैश्विक आर्थिक स्थितियों के कारण सेक्टर को अब भी अनिश्चितताओं का सामना करना पड़ रहा है।
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माल ढुलाई लागत बढ़ रही
गरोडिया ने कहा कि इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट्स के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण समय रहा है। यूरोप और अब पश्चिम एशिया में तनाव ने प्रमुख निगेटिव जोखिम पैदा कर दिया है। उन्होंने कहा कि जहां ओवरऑल मांग मजबूत बनी हुई है, वहीं लाल सागर संकट एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, जिससे ट्रांजिट समय में वृद्धि के कारण देरी और माल ढुलाई लागत बढ़ रही है।
2024 में मंदी आ सकती है
गरोडिया ने कहा कि प्रोजेक्शंस 2024 में ग्लोबल ग्रोथ में संभावित मंदी का संकेत दे रहे हैं। वहीं उच्च ब्याज दरों और कम कंज्यूमर खर्च जैसे फैक्टर्स के रहते इस वर्ष भी इस सेक्टर के प्रभावित रहने की उम्मीद है।
गरोडिया ने कहा इन फैक्टर्स को ध्यान में रखते हुए ईईपीसी सतर्कता के साथ आशावादी है और उम्मीद है कि भू-राजनीतिक तनाव कम हो जाएगा, जिससे वैश्विक व्यापक आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
बजट 2024 से क्या है उम्मीद
गरोडिया ने कहा कि ईईपीसी का मानना है कि विशेष रूप से लैटिन अमेरिका और अफ्रीका के देशों के साथ अधिक मुक्त व्यापार समझौते करने से निर्यातकों को नए और उभरते बाजारों तक एक्सेस मिलेगी। ईईपीसी ने एक बयान में कहा है कि केंद्रीय बजट नजदीक है, सरकार इंजीनियरिंग निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कम लागत वाले डेब्ट और मार्केट सपोर्ट प्रदान करने जैसे उपाय कर सकती है।
