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Engineering Goods Exports: भारत के इंजीनियरिंग सामानों के निर्यात में 10.2% बढ़त, 10.04 अरब डॉलर का हुआ एक्सपोर्ट

Engineering Goods Exports: कई चुनौतियों के बावजूद भारत का इंजीनियरिंग सामान का निर्यात 2023 के दिसंबर महीने में 10.20 प्रतिशत की सालाना वृद्धि के साथ 10.04 अरब डॉलर (83428 करोड़ रु) रहा।

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इंजीनियरिंग सामानों का निर्यात बढ़ा

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KEY HIGHLIGHTS
  • बढ़ा भारत का इंजीनियरिंग सामानों का निर्यात
  • 10.2 फीसदी की हुई बढ़त
  • दिसंबर में रहा 10.04 अरब डॉलर

Engineering Goods Exports: प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं में भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) और सख्त वित्तीय स्थितियों से सामने आने वाली विभिन्न चुनौतियों के बावजूद भारत का इंजीनियरिंग सामान का निर्यात 2023 के दिसंबर महीने में 10.20 प्रतिशत की सालाना वृद्धि के साथ 10.04 अरब डॉलर (83428 करोड़ रु) रहा। इंडियन इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (ईईपीसी) के चेयरमैन अरुण कुमार गरोडिया ने कहा है कि हालांकि यह ग्रोथ एक मजबूत रिवकरी को दिखाता है लेकिन मौजूदा वैश्विक आर्थिक स्थितियों के कारण सेक्टर को अब भी अनिश्चितताओं का सामना करना पड़ रहा है।

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माल ढुलाई लागत बढ़ रही

गरोडिया ने कहा कि इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट्स के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण समय रहा है। यूरोप और अब पश्चिम एशिया में तनाव ने प्रमुख निगेटिव जोखिम पैदा कर दिया है। उन्होंने कहा कि जहां ओवरऑल मांग मजबूत बनी हुई है, वहीं लाल सागर संकट एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, जिससे ट्रांजिट समय में वृद्धि के कारण देरी और माल ढुलाई लागत बढ़ रही है।

2024 में मंदी आ सकती है

गरोडिया ने कहा कि प्रोजेक्शंस 2024 में ग्लोबल ग्रोथ में संभावित मंदी का संकेत दे रहे हैं। वहीं उच्च ब्याज दरों और कम कंज्यूमर खर्च जैसे फैक्टर्स के रहते इस वर्ष भी इस सेक्टर के प्रभावित रहने की उम्मीद है।

गरोडिया ने कहा इन फैक्टर्स को ध्यान में रखते हुए ईईपीसी सतर्कता के साथ आशावादी है और उम्मीद है कि भू-राजनीतिक तनाव कम हो जाएगा, जिससे वैश्विक व्यापक आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

बजट 2024 से क्या है उम्मीद

गरोडिया ने कहा कि ईईपीसी का मानना है कि विशेष रूप से लैटिन अमेरिका और अफ्रीका के देशों के साथ अधिक मुक्त व्यापार समझौते करने से निर्यातकों को नए और उभरते बाजारों तक एक्सेस मिलेगी। ईईपीसी ने एक बयान में कहा है कि केंद्रीय बजट नजदीक है, सरकार इंजीनियरिंग निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कम लागत वाले डेब्ट और मार्केट सपोर्ट प्रदान करने जैसे उपाय कर सकती है।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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