विश्व व्यापार संगठन की प्रमुख नगोजी ओकोंजो-इवेला ने शुक्रवार को कहा कि भारत को डब्ल्यूटीओ में सुधार प्रक्रिया का नेतृत्व करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था अच्छी गति से बढ़ रही है और यह प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में अग्रणी है। डब्ल्यूटीओ की प्रमुख ने कहा कि विश्व व्यापार संगठन में उन क्षेत्रों पर ध्यान देने की आवश्यकता है जो ठीक से काम नहीं कर रहे हैं और उन्हें सुधारने के तरीकों पर चर्चा करने की जरूरत है।
विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की महानिदेशक ने यहां सीआईआई के साझेदारी शिखर सम्मेलन 2025 में कहा, ‘‘...इसमें भारत अग्रणी हो सकता है। भारत को डब्ल्यूटीओ में सुधार प्रक्रिया का नेतृत्व करना चाहिए...। भारत को यह सुनिश्चित करने में अग्रणी होना चाहिए कि हम ऐसी व्यवस्था में न रहें जो नियम आधारित होने के बजाय शक्ति आधारित हो जाए।’’ उन्होंने कहा कि भारत एक तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और उसके पास न केवल इस क्षेत्र में बल्कि वैश्विक स्तर पर नेतृत्व प्रदान करने के लिए पर्याप्त व्यापकता एवं विश्वसनीयता है।
भारत ने भी चिंता जताई है
अमेरिका के उच्च शुल्क का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सदस्य देशों को अमेरिका द्वारा उठाई गई चिंताओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत ने भी खाद्य सुरक्षा के लिए सार्वजनिक रूप से अनाज भंडारण और वितरण जैसे मुद्दों पर चिंता जताई है। पिछली शिकायतों को दोहराने से एक मजबूत वैश्विक व्यापार प्रणाली बनाने में मदद नहीं मिलेगी। उन्होंने विश्व व्यापार संगठन के सभी सदस्यों से वैश्विक व्यापार प्रणाली को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।
अमेरिका ने विश्व व्यापार संगठन की इकाइयों के कामकाज के तरीके पर चिंता जताई है और विवाद निवारण तंत्र सहित डबल्यूटीओ में सुधारों की मांग की है। डबल्यूटीओ 166 सदस्यों वाला जिनेवा स्थित एक बहुपक्षीय निकाय है जो व्यापार संबंधी मुद्दों से निपटता है। भारत 1995 से इसका सदस्य है।
बहुपक्षीय प्रणाली की भी है जरूरी
नगोजी ने साथ ही कहा कि किसी देश को अपनी वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए द्विपक्षीय व्यापार समझौतों की आवश्यकता हो सकती है लेकिन ‘आपको आगे बढ़ने के लिए एक बहुपक्षीय प्रणाली की भी जरूरत है।’ उन्होंने कहा, ‘यही कारण है कि डब्ल्यूटीओ महत्वपूर्ण है।’
डबल्यूटीओ प्रमुख ने कहा कि वर्तमान में दुनिया वैश्विक व्यापार में भारी व्यवधानों का सामना कर रही है। नगोजी ने कहा, ‘ मेरा आपके लिए यही संदेश है कि इसके बावजूद वैश्विक व्यापार प्रणाली मजबूत बनी हुई है।’ उन्होंने कहा कि 72 प्रतिशत विश्व व्यापार अब भी विश्व व्यापार संगठन के नियमों के तहत हो रहा है जो स्थिरता एवं भरोसे को साबित करता है।
सुधार के लिए मिलकर काम करने की जरूरत
नगोजी ने कहा कि सुधारों पर मिलकर काम करने की जरूरत है..अन्यथा मजबूती कायम नहीं रह पाएगी। उन्होंने कहा, ‘ इस काम के लिए बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली और विश्व व्यापार संगठन में व्यापक सुधारों की आवश्यकता है।’
डब्ल्यूटीओ की महानिदेशक ने कहा कि अमेरिका की एकतरफा शुल्क वृद्धि नाटकीय है लेकिन शुल्क बाधाओं, गैर-शुल्क मुद्दों, प्रणाली में पारदर्शिता की कमी और कुछ देशों द्वारा अनुचित व्यापार गतिविधिशें के बारे में ‘हमें उनकी बात सुननी चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि हमें उनकी शिकायतों पर ध्यान देने की जरूरत है.. । अन्यथा हम उनकी बात पर गौर करने का मौका खो देंगे।’ डब्ल्यूटीओ प्रमुख ने कहा कि अमेरिका के अलावा भारत जैसे विकासशील देशों ने भी बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली पर चिंता जाहिर की है।
(इनपुट-भाषा)
