India Residential Market: देश का रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी मार्केट मौजूदा समय में एक बैलेंसिंग फेज में है। इसका मतलब है कि मांग में थोड़ी नरमी देखने को मिल रही है, लेकिन सप्लाई और प्रॉपर्टी कीमतें अब भी बढ़ रही है। Magicbricks की एक लेटेस्ट रिपोर्ट बताती है कि जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में हाउसिंग डिमांड तिमाही आधार पर 2.2 प्रतिशत घटी। यह लगातार दूसरी तिमाही रही जब मांग में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, सालाना आधार पर मांग अब भी 1.5 प्रतिशत ऊपर रही, जिससे यह संकेत मिलता है कि बाजार में लंबी अवधि की मजबूती बनी हुई है।
नोएडा में प्रॉपर्टी की मांग घटी अहमदाबाद में बढ़ी
शहरों के हिसाब से देखें तो नोएडा में मांग सबसे ज्यादा 8.2 प्रतिशत घटी। इसके बाद चेन्नई में 5.2 प्रतिशत और कोलकाता में 4.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर अहमदाबाद एकमात्र बड़ा शहर रहा जहां मांग में 2.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।सप्लाई के मामले गुरुग्राम सबसे आगे
सप्लाई के मामले में गुरुग्राम सबसे आगे रहा, जहां 10.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसके बाद ग्रेटर नोएडा में 9.5 प्रतिशत और बेंगलुरु में 7.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली। वहीं कीमतों में सबसे ज्यादा तिमाही वृद्धि ग्रेटर नोएडा में 2.4 प्रतिशत रही। दूसरी तरफ कोलकाता, दिल्ली और अहमदाबाद जैसे शहरों में कीमतों में हल्का सुधार या गिरावट भी देखी गई।
2BHK और 3BHK घर सबकी पसंद
रिपोर्ट के मुताबिक, 2BHK और 3BHK घर भारतीय बाजार की सबसे बड़ी पसंद बने हुए हैं। जहां कुल मांग में 2BHK की हिस्सेदारी 42 प्रतिशत और 3BHK की हिस्सेदारी 37 प्रतिशत दर्ज की गई। यानी लगभग 80 प्रतिशत मांग इन्हीं दोनों श्रेणियों से आई।
750 से 2000 वर्गफुट के घरों की मांग
750 से 2000 वर्गफुट के घरों की मांग सबसे ज्यादा रही, जिससे यह संकेत मिलता है कि लोग अब ज्यादा अफोर्बे और आरामदायक घरों को प्राथमिकता दे रहे हैं। वहीं 500 से 750 वर्गफुट वाले छोटे घरों की मांग में हल्की बढ़ोतरी देखी गई, जिसे बढ़ती कीमतों और किफायती घरों की जरूरत से जोड़कर देखा जा रहा है।
कुल सप्लाई में 3BHK घरों की हिस्सेदारी 45 प्रतिशत
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई जैसे एमएमआर क्षेत्रों में 1BHK घरों की मांग ज्यादा रही, क्योंकि वहां प्रॉपर्टी कीमतें काफी ऊंची हैं। दूसरी तरफ डेवलपर्स अब 3BHK घरों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, जिनकी सप्लाई हिस्सेदारी 45 प्रतिशत रही। यह प्रीमियम हाउसिंग की बढ़ती मांग को दर्शाता है।
प्रीमियम घरों की सप्लाई भी तेजी से बढ़ रही
इसके अलावा 3 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाले प्रीमियम घरों की सप्लाई भी तेजी से बढ़ रही है, और यह ट्रेंड अब केवल मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं रहा। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रियल एस्टेट बाजार अब दो हिस्सों में बंटता दिखाई दे रहा है—एक तरफ कोलकाता और अहमदाबाद जैसे शहरों में किफायती घरों की मांग प्रमुख है, जबकि मुंबई और गुरुग्राम जैसे शहरों में प्रीमियम हाउसिंग बाजार तेजी से आगे बढ़ रहा है।
किफायती और मिड-सेगमेंट घरों में खरीदारों की रुचि
रिपोर्ट के अनुसार, चेन्नई का रियल एस्टेट बाजार लगातार मजबूती दिखा रहा है। शहर में घरों की मांग और कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। खास बात यह है कि खरीदारों की सबसे ज्यादा रुचि किफायती और मिड-सेगमेंट घरों में दिखाई दे रही है, जबकि डेवलपर्स बड़े और प्रीमियम घरों की सप्लाई पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
