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भारत-ओमान मुक्त व्यापार समझौता एक जून से लागू होने की संभावना: गोयल

गोयल ने चिली के विदेश मंत्री के साथ बैठक के बारे में पूछे जाने पर कहा कि दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के अलग-अलग आकार और एक-दूसरे को मिलने वाले अवसरों के अलग-अलग पैमाने को देखते हुए चुनौतियां हैं।

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ओमान टीम व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए भारत आई हुई है। (फोटो क्रेडिट-iStock)

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि भारत और ओमान के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) एक जून से लागू होने की उम्मीद है। इस समझौते पर दिसंबर, 2025 में हस्ताक्षर किए गए थे। गोयल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ’’आज मेरी ओमान टीम के साथ अच्छी बैठक हुई और संभावना है कि ओमान मुक्त व्यापार समझौता एक जून, 2026 से लागू हो जाएगा।’’ ओमान टीम व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए भारत आई हुई है।

इस समझौते के तहत वस्त्र, कृषि उत्पाद और चमड़े के सामान समेत भारत के 98 प्रतिशत निर्यात को ओमान में शुल्क मुक्त पहुंच होगा। दूसरी तरफ, भारत खजूर, संगमरमर और पेट्रोरसायन उत्पादों जैसे ओमान के उत्पादों पर शुल्क कम करेगा।

गोयल ने चिली के विदेश मंत्री के साथ बैठक के बारे में पूछे जाने पर कहा कि दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के अलग-अलग आकार और एक-दूसरे को मिलने वाले अवसरों के अलग-अलग पैमाने को देखते हुए चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा, ’’हम नवोन्मेषी समाधानों के माध्यम से इस अंतर को पाटने का प्रयास कर रहे हैं।’’

2006 में एक तरजीही व्यापार समझौता लागू किया था

गोयल ने कहा, ’’यदि हमें महत्वपूर्ण खनिजों और अन्य महत्वपूर्ण खनन रियायतों के संबंध में कोई अच्छा समझौता मिल जाता है, तो चिली के साथ एफटी को अंतिम रूप देने की काफी अच्छी संभावना है।’’ भारत और चिली ने 2006 में एक तरजीही व्यापार समझौता (पीटीए) लागू किया था और अब दोनों देश इसका दायरा बढ़ाकर एक व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (सीईपीए) करने को लेकर बातचीत कर रहे हैं।

सीईपीए समझौते के तहत डिजिटल सेवाओं, निवेश प्रोत्साहन और सहयोग, एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) और महत्वपूर्ण खनिजों सहित कई क्षेत्रों को शामिल किया जाना है। यह समझौता भारत को महत्वपूर्ण खनिजों तक पहुंच बनाने में मदद कर सकता है, जो इलेक्ट्रॉनिक्स, वाहन और सौर क्षेत्रों के लिए प्रमुख कच्चा माल है। विभिन्न रिपोर्ट के अनुसार, चिली के पास दुनिया का सबसे बड़ा लिथियम भंडार है और यह तांबे का शीर्ष उत्पादक है।

(इनपुट: भाषा)

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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