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FY26 में भारत ने बनाया रिकॉर्ड, $860 अरब के पार हुआ निर्यात, पेट्रोलियम और इंजीनियरिंग गुड्स में रही तेजी

FY26 में सामान का निर्यात 441.78 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले वित्तीय वर्ष में 437.70 अरब डॉलर था। यानी इसमें करीब 0.93% की बढ़त दर्ज हुई। साल के अंत में प्रदर्शन और बेहतर रहा। मार्च 2026 में वस्तुओं का निर्यात 38.92 अरब डॉलर रहा, जो पूरे साल का सबसे ज्यादा मासिक आंकड़ा है।

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खास तौर पर खनिज क्षेत्र में अच्छी बढ़त देखने को मिली। (फोटो क्रेडिट-iStock)

वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत के निर्यात ने नया रिकॉर्ड बनाया। वस्तुओं और सेवाओं का कुल निर्यात पहली बार 860 अरब डॉलर से ज्यादा पहुंच गया। यह दिखाता है कि भारत का निर्यात लगातार बढ़ रहा है और वैश्विक व्यापार में उसकी स्थिति मजबूत हो रही है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से मार्च FY26 के दौरान भारत का कुल माल और सेवाओं का निर्यात 860.09 अरब डॉलर रहा। FY25 में यह 825.26 अरब डॉलर था। इस तरह साल दर साल करीब 4.22% की बढ़ोतरी दर्ज हुई और नया रिकॉर्ड बना।

वस्तुओं का निर्यात भले ही धीमी रफ्तार से बढ़ा, लेकिन इसमें बढ़ोतरी जरूर हुई। FY26 में सामान का निर्यात 441.78 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले वित्तीय वर्ष में 437.70 अरब डॉलर था। यानी इसमें करीब 0.93% की बढ़त दर्ज हुई। साल के अंत में प्रदर्शन और बेहतर रहा। मार्च 2026 में वस्तुओं का निर्यात 38.92 अरब डॉलर रहा, जो पूरे साल का सबसे ज्यादा मासिक आंकड़ा है।

साल के अंत में आई तेजी का कारण औद्योगिक क्षेत्रों और संसाधन आधारित निर्यात का संतुलित योगदान रहा। पेट्रोलियम उत्पादों ने इसमें अहम भूमिका निभाई, जिन्हें वैश्विक मांग में स्थिरता और भारत की मजबूत रिफाइनिंग क्षमता का सहारा मिला। इसके साथ ही, इंजीनियरिंग सामानों का निर्यात भी बढ़ा, जो मशीनरी, ऑटो पार्ट्स और औद्योगिक उपकरणों की लगातार बनी हुई मांग को दिखाता है।

मंत्रालय ने एक्स पर दी जानकारी

मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि मार्च 2026 में माल निर्यात बढ़ने के पीछे कई सेक्टर जिम्मेदार रहे। इनमें पेट्रोलियम उत्पाद, इंजीनियरिंग सामान, मिका, कोयला और अन्य खनिज, प्रोसेस्ड मिनरल, दूसरे अनाज और हस्तशिल्प (हाथ से बने कालीन को छोड़कर) शामिल हैं। मंत्रालय के अनुसार, ये सभी सेक्टर भारत के निर्यात को बढ़ाने और अलग-अलग क्षेत्रों की मजबूती में लगातार अहम भूमिका निभा रहे हैं।

खास तौर पर खनिज क्षेत्र में अच्छी बढ़त देखने को मिली। मार्च 2026 में मिका, कोयला और अन्य खनिजों के साथ-साथ प्रोसेस्ड मिनरल का निर्यात बढ़कर 0.52 अरब डॉलर से 0.58 अरब डॉलर हो गया। यानी इसमें करीब 11.27% की वृद्धि हुई, जो इस क्षेत्र में लगातार प्रगति और बढ़ती वैल्यू को दिखाता है। इसके अलावा, अन्य अनाजों और हस्तशिल्प (हाथ से बने कालीन को छोड़कर) के निर्यात ने भी बढ़ोतरी में योगदान दिया। यह दिखाता है कि कृषि से जुड़े क्षेत्र और शिल्पकला सेक्टर भी मजबूत हो रहे हैं, साथ ही औद्योगिक निर्यात भी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।

अनिश्चितताओं के बावजूद निर्यात में बढ़त

सेवाओं का निर्यात कुल रिकॉर्ड बनाने में सबसे बड़ा कारण रहा, वहीं वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद माल निर्यात भी बढ़त बनाए रखने में सफल रहा। मार्च में आई तेजी से पता चलता है कि सप्लाई चेन की स्थिति सुधरी है और वित्तीय वर्ष के अंत में ऑर्डर भी बढ़े हैं। इसमें पेट्रोलियम और इंजीनियरिंग सामान ने बड़ा योगदान दिया, जबकि खनिज, अनाज और हस्तशिल्प ने भारत के निर्यात को और ज्यादा विविध बनाया।

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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