नई टैक्स व्यवस्था के तहत वित्त वर्ष 2023-24 (AY 2024-25) के लिए इनकम टैक्स स्लैब
| इनकम टैक्स स्लैब (रुपए में) | इनकम टैक्स रेट (%) |
| 0 से 3,00,000 तक | 0 |
| 3,00,001 से 6,00,000 तक | 5 |
| 6,00,001 से 9,00,000 तक | 10 |
| 9,00,001 से 12,00,000 तक | 15 |
| 12,00,001 से 15,00,000 तक | 20 |
| 15,00,001 और इससे अधिक | 30 |
व्यक्तिगत टैक्सपेयर्स के लिए इसे और अधिक आकर्षक बनाने के लिए इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव किए गए हैं। बजट ने मूल छूट सीमा को 2.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 3 लाख रुपए कर दिया है। कृपया ध्यान दें कि नई टैक्स व्यवस्था में नए इनकम टैक्स स्लैब 1 अप्रैल, 2023 से लागू हैं। इसके अलावा नए इनकम टैक्स स्लैब और दरों में बदलाव वित्त वर्ष 2023-24 में अर्जित आय पर लागू है।
पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 (AY2024-25) के लिए इनकम टैक्स स्लैब
| इनकम टैक्स स्लैब (रुपए में) | इनकम टैक्स रेट (%) |
| 0 से 2,50,000 तक | 0 |
| 2,50,001 से 5,00,000 तक | 5 |
| 5,00,001 से 7,50,000 तक | 10 |
| 7,50,001 से 10,00,000 तक | 15 |
| 10,00,001 से 12,50,000 तक | 20 |
| 12,50,001 से 15,00,000 तक | 25 |
| 15,00,001 और इससे अधिक | 30 |
बजट 2023 में पुरानी टैक्स व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं की गई। इस प्रकार पुरानी टैक्स व्यवस्था को चुनने वाला कोई भी व्यक्ति वित्त वर्ष 2023-24 (1 अप्रैल, 2023 - 31 मार्च, 2024) में उसी कर दरों के तहत देय आयकर की गणना करना जारी रखेगा। 60 साल से कम उम्र के व्यक्ति के लिए मूल छूट सीमा 2.5 लाख रुपए है। सीनियर सिटिजन्स (60 वर्ष और उससे अधिक लेकिन 80 वर्ष से कम आयु) के लिए मूल आय छूट सीमा 3 लाख रुपए है। अति सीनियर नागरिकों (80 वर्ष और उससे अधिक आयु) के लिए, मूल आय छूट सीमा 5 लाख रुपए है। अनिवासी व्यक्तियों के लिए, उम्र की परवाह किए बिना मूल आय छूट सीमा 2.5 लाख रुपए है।
