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Income Tax Return Filing: ITR फॉर्म 1 और फॉर्म 4 में हुए 3 बदलाव, अग्निवीरों को मिली ये छूट

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Dec 26, 2023, 12:39 PM IST

Income Tax Return Filing New Rules: इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए ITR फॉर्म 1 और 4 में तीन बदलाव किए गए हैं। आईटीआर के नए फॉर्म में अग्निवीरों को भी बेनिफिट दिया गया है।

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ITR फॉर्म 1 और 4 में हुए तीन बदलाव

Income Tax Return Filing New Rules: केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए ITR फॉर्म 1 और 4 को नोटिफाई किया है। इसके साथ ही टैक्स के नए मानदंडों की भी घोषणा की गई। इसमें कहा है कि टैक्सपेयर्स को अब आकलन वर्ष 2024-25 के लिए देश के भीतर नकद प्राप्तियों और उनके सभी बैंक खातों के बारे में जानकारी देने की जरूरत होगी। जो आकलन वर्ष (AY) 2024-25 के लिए 50 लाख रुपए तक की वार्षिक कुल आय वाले व्यक्ति और संस्थाएं फाइल करते हैं। विभाग आमतौर पर अगले आकलन वर्ष की शुरुआत से पहले यानी फरवरी या मार्च में आईटीआर फॉर्म को नोटिफाई करता है। लेकिन इस बार समय से पहले जारी कर दिया गया। इसका अर्थ यह भी है कि करदाताओं के पास परिवर्तनों से परिचित होने, आवश्यक दस्तावेज इकट्ठा करने और अधिक सटीकता के साथ अपना रिटर्न दाखिल करने के लिए अधिक समय मिलेगा। आईटीआर के नए फॉर्म में अग्निवीरों को भी बेनिफिट दिया गया है।

नए ITR फॉर्म 1, फॉर्म 4 में मुख्य बदलाव

  • ITR 1 दाखिल करने वाले टैक्सपेयर को केवल इनकम टैक्स रिटर्न में कर व्यवस्था (Tax Regime) की अपनी पसंद का विकल्प देना जरूरी है। ITR 4 दाखिल करने वाले टैक्सपेयर को नई कर व्यवस्था (New Tax Regime) से बाहर निकलने के लिए फॉर्म 10-IEA दाखिल करना होगा।
  • नए ITR फॉर्म 1 और 4 में धारा 80CCH के तहत कटौती क्लेम करने के लिए एक नया कॉलम जोड़ा गया है। वित्त अधिनियम 2023 में एक नई धारा 80CCH जोड़ी गई है, जिसमें कहा गया है कि अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) में नामांकित और अग्निवीर कॉर्पस फंड (Agniveer Corpus Fund) की सदस्यता लेने वाले या 01-11-2022 के बाद अग्निवीर कॉर्पस फंड में जमा की गई कुल राशि के लिए टैक्स छूट के लिए पात्र होंगे।
  • बढ़ी हुई टर्नओवर सीमा का दावा करने के लिए आईटीआर-4 में नकद में रसीदें (Receipts in Cash) कॉलम जोड़ा गया है।

ITR फॉर्म 1

आईटीआर फॉर्म 1 (सहज) बड़ी संख्या में छोटे और मध्यम टैक्सपेयर्स की जरूरतों को पूरा करता है। सहज को देश के किसी व्यक्ति द्वारा दायर किया जा सकता है जिसकी आय 50 लाख रुपए तक है। जो वेतन, एक घर की संपत्ति, अन्य स्रोतों (ब्याज) और कृषि आय से 5,000 रुपए तक की आय प्राप्त करता है।

ITR फॉर्म 4

आईटीआर फॉर्म 4 (सुगम) आसान फॉर्म है जो बड़ी संख्या में छोटे और मध्यम टैक्सपेयर्स की जरूरतों को पूरा करता है। सुगम को व्यक्तियों, एचयूएफ और फर्मों (लिमिट लायबलिटी पार्टनरशिफ के अलावा) द्वारा दायर किया जा सकता है। जिनकी कुल आय 50 लाख रुपए तक है और व्यवसाय और पेशे से आय है।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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