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रेडी तो मूव इन फ्लैट में होने जा रहे हैं शिफ्ट तो इन बातों को न करें नजरअंदाज!

अगर आप भी रेडी तो मूव इन फ्लैट में शिफ्ट होने जा रहे हैं तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है। रेडी तो मूव इन फ्लैट में शिफ्ट होने से पहले आपको कुछ बातें जरूर चेक कर लेनी चाहिए वरना बाद में पैसे खर्च होने के बाद आपको परेशानी हो सकती है।

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प्रॉपर्टी बाजार में आजकल दो तरह के विकल्प सबसे ज्यादा चर्चा में रहते हैं अंडर-कंस्ट्रक्शन (निर्माणाधीन) और रेडी-टू-मूव (पूरी तरह तैयार)। निवेशक और घर खरीदार अक्सर रेडी-टू-मूव प्रॉपर्टी को प्राथमिकता देते हैं क्योंकि इसमें 'कब्जे की देरी' का डर नहीं होता और आप पहले दिन से ही वहां रह सकते हैं या उसे किराये पर चढ़ाकर कमाई शुरू कर सकते हैं। लेकिन, क्या तैयार घर खरीदना पूरी तरह सुरक्षित है? जानकारों का मानना है कि बिना जांच-पड़ताल के खरीदी गई तैयार प्रॉपर्टी भी आपके लिए मुसीबत बन सकती है। अगर आप भी घर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो इन बातों को बिलकुल भी नजरअंदाज न करें कर घर खरीदने या शिफ्ट होने से पहले कुछ बातों की जांच जरूर कर लें.

इन बातों का रखें ख्याल

टाइटल सर्च

प्रॉपर्टी खरीदने की दिशा में पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है 'टाइटल सर्च'। कोई भी मकान खुद नहीं बोलता कि उसका मालिक कौन है, यह सिर्फ कागजों से पता चलता है। अक्सर बाजार में ऐसे फर्जीवाड़े होते हैं जहां संपत्ति का मालिक कोई और होता है और उसे बेच कोई और देता है।

रेवेन्यू ऑफिस जाकर संपत्ति के असली मालिक का पता लगाएं। प्रॉपर्टी टैक्स की रसीदें और बिजली के बिल भी मालिकाना हक की पुष्टि करने में मदद करते हैं। इसके अलावा, यह भी जांचें कि कहीं संपत्ति किसी बैंक के पास गिरवी तो नहीं है। अगर बैंक लोन चल रहा है, तो बैंक से एनओसी (NOC) जरूर मांगें।

निर्माण की उम्र और गुणवत्ता की परख

रेडी-टू-मूव घर खरीदते समय उसकी 'फिजिकल हेल्थ' चेक करना बहुत जरूरी है। घर कितना पुराना है, यह उसकी कीमत और मजबूती तय करता है। एक अच्छी गुणवत्ता वाली इमारत की उम्र आमतौर पर 70 से 80 साल मानी जाती है।

अगर इमारत बहुत पुरानी है, तो उसकी कीमत नए निर्माण के मुकाबले कम होनी चाहिए। निर्माण की क्वालिटी जांचने के लिए आप किसी स्ट्रक्चरल इंजीनियर की मदद ले सकते हैं। दीवारों में सीलन, दरारें और प्लंबिंग की स्थिति को बारीकी से देखें। वहां रह रहे अन्य लोगों या स्थानीय डीलरों से बिल्डर के पिछले रिकॉर्ड के बारे में भी फीडबैक लें।

आसपडोसी देखें

घर केवल चार दीवारें नहीं होता, बल्कि वह समाज होता है जिसमें आप रहते हैं। अक्सर लोग घर तो अच्छा ले लेते हैं, लेकिन आसपास का माहौल उनके रहन-सहन से मेल नहीं खाता।

देखें कि आपके पड़ोस में किस आय वर्ग के लोग रहते हैं। अगर आप 3 या 4 BHK का बड़ा घर ले रहे हैं और आसपास ज्यादातर छोटे स्टूडियो अपार्टमेंट्स या 1 BHK वाले घर हैं, तो भविष्य में आपका वहां सामंजस्य बिठाना मुश्किल हो सकता है। सामाजिक सुरक्षा और मानसिक शांति के लिए अपने जैसा 'सोशल सर्कल' होना जरूरी है।

मेंटेनेंस और ट्रांसपोर्टेशन

घर के अंदर की सुख-सुविधाएं जितनी जरूरी हैं, घर के बाहर की सुविधाएं भी उतनी ही अहम हैं। दैनिक जरूरतों जैसे दूध, सब्जी, राशन और दवाओं के लिए आपको कितनी दूर जाना पड़ता है, यह आपके जीवन को आसान या मुश्किल बना सकता है।

जांचें कि क्या पास में कोई 'कन्वीनियंट शॉपिंग' एरिया या मार्केट है। इसके अलावा, सार्वजनिक परिवहन (मेट्रो/बस), स्कूल और अस्पताल की दूरी को भी मैप पर देख लें। अगर ये सुविधाएं 2-3 किलोमीटर के दायरे में नहीं हैं, तो भविष्य में आपको काफी परेशानी हो सकती है।

रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) की भूमिका

तैयार प्रॉपर्टी में शिफ्ट होने से पहले वहां की RWA या मैनेजमेंट कमेटी के बारे में जानकारी जरूर जुटाएं। एक सक्रिय एसोसिएशन ही सोसाइटी में सफाई, सुरक्षा, बिजली-पानी और पार्कों के रखरखाव को सुनिश्चित करती है।

RWA के सदस्यों से मिलें और उनसे सोसाइटी की समस्याओं के बारे में पूछें। क्या वहां पानी की किल्लत है? क्या मेंटेनेंस चार्ज बहुत ज्यादा है? क्या कॉमन एरिया सुरक्षित है? इन सवालों के जवाब आपको उस जगह की असलियत बता देंगे।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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