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HP और पैजेट भारत में बनाएगी लैपटॉप- PC,आएंगी 1,500 नौकर‍ियां

HP Laptop, PC: घरेलू डिक्सन टेक्नोलॉजीज की सहायक कंपनी पैजेट इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ समझौते के तहत एचपी उपकरणों का उत्पादन अगले साल जनवरी से शुरू होगा। चेन्नई के एक औद्योगिक उपनगर ओरागदम में उत्पादन सुविधा शुरू होने के बाद अगले दो वर्षों में प्रति वर्ष 20 लाख इकाइयों तक पहुंचने का अनुमान है।

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एचपी लैपटॉप-कंप्यूटर

HP Laptop, PC:एचपी इंक और पैजेट इलेक्ट्रॉनिक्स भारत में मिलकर लैपटॉप, पर्सनल कंप्यूटर और ऑल-इन-वन पीसी बनाएंगी। इसके लिए दोनों कंपनियों तमिलनाडु की एक फैक्ट्री में एचपी लैपटॉप, पर्सनल कंप्यूटर और ऑल-इन-वन पीसी बनाने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। घरेलू डिक्सन टेक्नोलॉजीज की सहायक कंपनी पैजेट इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ समझौते के तहत एचपी उपकरणों का उत्पादन अगले साल जनवरी से शुरू होगा और चेन्नई के एक औद्योगिक उपनगर ओरागदम में उत्पादन सुविधा शुरू होने के बाद अगले दो वर्षों में प्रति वर्ष 20 लाख इकाइयों तक पहुंचने का अनुमान है।

मेक इन इंडिया को बूस्ट

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स की प्रमुख कंपनियों एचपी इंक और पैजेट इलेक्ट्रॉनिक्स ने तमिलनाडु की एक फैक्ट्री में एचपी लैपटॉप, पर्सनल कंप्यूटर और ऑल-इन-वन पीसी बनाने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।वैष्णव ने यहां संवाददाताओं से कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' कार्यक्रम के तहत उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के लिए एक बड़ी सफलता है।

मंत्री ने कहा, "पिछले 10 वर्षों में भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण 10 लाख करोड़ रुपये (2014 में 2.4 लाख करोड़ रुपये से) को पार कर गया है। इसमें 10 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। आईटी हार्डवेयर योजना के लिए पीएलआई के कारण, भारत प्रमुख आईटी हार्डवेयर ब्रांडों के लिए विनिर्माण केंद्र के रूप में उभरा है।"

1500 नई नौकरियां

वैष्णव के अनुसार इससे 1,500 से ज्यादा प्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होंगी और पैजेट धीरे-धीरे घटकों, मॉड्यूल और बाह्य उपकरणों के स्थानीय विनिर्माण को बढ़ाएगा, इससे ज्‍यादा नौकरियां पैदा होगी। देश में बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम के बीच वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड भारत स्थित निर्माताओं के साथ साझेदारी कर रहे हैं। भारत में आईटी हार्डवेयर क्षेत्र अभी भी प्रारंभिक चरण में है और डेल, एचपी, एएसयूएस, लेनोवो और एस्‍सार जैसी वैश्विक दिग्गज कंपनियों को देश को अपना विनिर्माण केंद्र बनाने में सुरक्षित महसूस कराना एक महत्वपूर्ण फैक्टर होगा।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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