बिजनेस

बंद पड़े बैंक अकाउंट से कैसे निकालें फंसा हुआ पैसा? जानें RBI के नियमों के तहत रकम वापस पाने का पूरा तरीका

क्या आपका भी कोई पुराना बैंक खाता बंद हो गया है और उसमें पैसे फंसे हैं? घबराएं नहीं, RBI के नियमों के मुताबिक आपका पैसा पूरी तरह सुरक्षित है। जानिए कैसे आसान KYC प्रक्रिया और UDGAM पोर्टल के जरिए आप अपनी गाढ़ी कमाई ब्याज समेत वापस पा सकते हैं।

Image

Bank Account

आज के समय में लगभग हर व्यक्ति के पास एक से ज्यादा बैंक खाते होते हैं। नौकरी बदलने, शहर बदलने या कई बार सिर्फ सहूलियत के लिए लोग अलग-अलग बैंकों में अकाउंट खुलवा लेते हैं। लेकिन अक्सर ऐसा होता है कि हम अपने किसी पुराने बैंक खाते पर ध्यान देना बंद कर देते हैं और उसमें कुछ रकम जमा ही रह जाती है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार, अगर किसी बैंक खाते (Bank Account) में लगातार 2 साल यानी 24 महीनों तक कोई लेन-देन (Trasanction) नहीं होता है, तो बैंक उसे 'इनऑपरेटिव' (Inoperative) या 'डॉर्मेंट' (Dormant) यानी निष्क्रिय घोषित कर देता है।

इसके बाद अगर अगले 10 सालों तक भी उस खाते में कोई हलचल नहीं होती और कोई दावेदार सामने नहीं आता, तो उस पैसे को 'अनक्लेम्ड डिपॉजिट' (Unclaimed Deposit) मान लिया जाता है। यह पैसा बैंक द्वारा आरबीआई के 'डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस' (DEA) फंड में ट्रांसफर कर दिया जाता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि आपका यह पैसा कभी डूबता नहीं है, और आप जब चाहें इसे वापस पा सकते हैं।

RBI क्या कहता है?

आरबीआई के नियमों के मुताबिक, अपने बंद पड़े खाते से पैसा वापस पाने या उसे फिर से चालू कराने की प्रक्रिया बहुत मुश्किल नहीं है। इसके लिए सबसे पहला कदम यह है कि आपको संबंधित बैंक की शाखा (Branch) में जाना होगा जहाँ आपका खाता था। वहां आपको खाता दोबारा सक्रिय करने (Re-activation) के लिए एक लिखित आवेदन देना होगा। इसके साथ ही बैंक आपसे नए सिरे से 'नो योर कस्टमर' यानी केवाईसी (KYC) दस्तावेज मांगेगा। आपको अपने पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी) और पते के प्रमाण के साथ अपनी हालिया पासपोर्ट साइज फोटो बैंक में जमा करनी होगी। एक बार जब बैंक आपके दस्तावेजों का वेरिफिकेशन पूरा कर लेता है, तो आपका खाता फिर से चालू कर दिया जाता है और आप उसमें जमा पूरी रकम ब्याज सहित वापस निकाल सकते हैं या उसी खाते में आगे का लेनदेन जारी रख सकते हैं।

कैसे पता करें किस बैंक में है पैसा?

अगर आप यह भूल चुके हैं कि आपका पैसा किस बैंक में छूटा है, या आपके परिवार के किसी दिवंगत सदस्य का कोई पुराना खाता था जिसकी जानकारी आपके पास नहीं है, तो इसके लिए भी आरबीआई ने एक शानदार समाधान निकाला है। रिजर्व बैंक ने 'उद्गम' (UDGAM - Unclaimed Deposits Gateway to Access Information) नाम से एक केंद्रीय वेब पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल की मदद से कोई भी आम नागरिक देश के दर्जनों प्रमुख सरकारी और प्राइवेट बैंकों में लावारिस पड़े अपने या अपने परिजनों के पैसों को घर बैठे आसानी से ऑनलाइन सर्च कर सकता है। इसके लिए आपको उद्गम पोर्टल पर जाकर अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर एक अकाउंट बनाना होता है। इसके बाद खाताधारक का नाम, पैन कार्ड, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस जैसी बुनियादी जानकारियां डालकर आप सर्च बटन पर क्लिक करते ही पता लगा सकते हैं कि किस बैंक में कितना अनक्लेम्ड अमाउंट जमा है।

कैसे क्लेम करें फंसा हुआ पैसा?

एक बार जब उद्गम पोर्टल के जरिए आपको बंद खाते और फंसे हुए पैसे की जानकारी मिल जाती है, तो क्लेम करने की प्रक्रिया शुरू होती है। अगर खाता आपके नाम पर है, तो आप जरूरी केवाईसी दस्तावेजों के साथ सीधे बैंक जाकर क्लेम फॉर्म भर सकते हैं। लेकिन अगर खाताधारक की मृत्यु हो चुकी है और आप उनके कानूनी वारिस (Legal Heir) या नॉमिनी (Nominee) हैं, तो आपको थोड़ा अलग तरीका अपनाना होगा। ऐसी स्थिति में आपको मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate), अपना खुद का पहचान पत्र और वारिस होने का कानूनी सबूत (जैसे सक्सेशन सर्टिफिकेट या वसीयत) बैंक में पेश करना होगा। बैंक इन सभी कागजातों की बारीकी से कानूनी जांच करेगा और सब कुछ सही पाए जाने पर खाते में जमा राशि ब्याज समेत वारिस के खाते में ट्रांसफर कर देगा। इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आरबीआई ने बैंकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे ग्राहकों की पूरी मदद करें ताकि जनता की गाढ़ी कमाई उन तक सुरक्षित वापस पहुंच सके।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठी author

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिच... और देखें

End of Article