Paramparagat Krishi Vikas Yojana : कृषि में रसायनों का अंधाधुंध इस्तेमाल से मिट्टी की उपजाई शक्ति कम होती जा रही है। साथ ही लोगों की सेहत पर भी बुरा असर पड़ रहा है। ऐसे में जैविक खेती को एक सुरक्षित और सस्ते विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। यही वजह है कि जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए केन्द्र सरकार ने परम्परागत कृषि विकास योजना (पीकेवीवाई) लागू की है। इसे 2015 में लॉन्च किया गया। इससे मिट्टी के स्वास्थ्य और कार्बनिक पदार्थ की मात्रा में सुधार होगा। इस योजना के अंतर्गत खेती का क्लस्टर बनाकर जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाता है।
परंपरागत कृषि विकास योजना
परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत किसानों को कैमिकल मुक्त जैविक खेती करने के लिये 3 साल के लिये प्रति हेक्टेअर 50,000 रुपये का अनुदान दिया जाता है। इस योजना के तहत अनुदान का आवंटन दो किस्तों में होता है, जिसमें पहली किस्त के रूप में 31,000 रुपये सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किये जाते हैं, ताकि किसान खेत की तैयारी, जैविक खाद, जैव उर्वरक, जैविक कीटनाशक और आधुनिक किस्म के बीजों का इंतजाम कर सकें। वहीं दूसरी किस्त अगले 2 साल में दी जाती है, जिससे प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, कटाई और मार्केटिंग का काम निपटाया जाता है।
जैविक खेती के लिये सब्सिडी
पंरपरागत कृषि विकास योजना के तहत किसानों के चुने गये क्लस्टर को 20 एकड़ से लेकर 50 एकड़ तक की जमीन पर जैविक खेती के लिये 10 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाता है। इस योजना के तहत निर्धारित क्लस्टर में 65% छोटे और सीमांत किसानों और 30% महिला किसानों को भी शामिल किया जाता है।
जरूरी डॉक्यूमेंट्स
- आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र
- राशन कार्ड
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर
- पासपोर्ट साइज फोटो
ऐसे करें आवेदन
- परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत जैविक खेती के लिये आर्थिक अनुदान (Subsidy on Organic Farming) का लाभ लेने के लिये योजना की आधिकारिक वेबसाइट https://pgsindia-ncof.gov.in/पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
- इसके लिये सबसे पहले वेबसाइट के होम पेज पर जाएं और Apply now के विकल्प पर क्लिक करें।
- इसके बाद स्क्रीन पर आवेदन फॉर्म खुलकर आ जायेगा, जिसे ठीक प्रकार से भरकर सब्मिट कर दें।
- इस तरह आसान तरीके से पंरपरागत कृषि विकास योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं।
- किसान आवेदन या योजना से जुड़ी अधिक जानकारी के लिये होम पेज पर Contact Us के ऑप्शन से ले सकते हैं।
इस तरह जैविक खेती (Organic Farming) या परंपरागत कृषि विकास योजना (Paramparagat Krishi Vikas Yojana) या फिर अपने आवेदन से संबंधित जानकारी हासिल करने के लिये अधिकारी से सीधा संपर्क कर सकते हैं।
