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नया घर सजाने के चक्कर में जेब न हो जाए खाली, आपकी ये गलतियां बिगाड़ देंगी पूरा बजट

New Home Decorating Budget Mistakes: नए घर को सजाने की एक अलग ही खुशी होती है। लेकिन इसके लिए फाइनेंशियल स्टेबिलिटी से समझौता करना ठीक नहीं होगा।

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कम पैसों में ऐसे तैयार करें सपनों का घर (Photo: iStock)

New Home Decorating Budget Mistakes: नया घर खरीदने या किराए पर लेने के बाद उसे अपनी पसंद के मुताबिक सजाने का अलग ही क्रेज होता है। फर्नीचर, नए अप्लायंसेज, पर्दे, लाइटिंग और डेकोरेशन जैसी चीजों की खरीदारी शुरू होते ही खर्च तेजी से बढ़ने लगता है। खासकर तब जब घर खरीदने के साथ डाउन पेमेंट, रजिस्ट्रेशन और होम लोन की ईएमआई (Home Loan EMI) जैसी जिम्मेदारियां पहले से चल रही हों। ऐसे में घर को एक साथ पूरी तरह सजाने के बजाय एक खास स्ट्रैटेजी के साथ सजा कर पैसे बचाए जा सकते हैं-

जरूरी कामों को पहले करें

घर में सबसे पहले उन कामों को प्राथमिकता दें जो जरूरी हैं। अगर दीवारों में सीलन है, प्लंबिंग में लीकेज है, बिजली की फिटिंग खराब है या फर्श में कोई समस्या है तो इन कामों को पहले निपटाना बेहतर होगा। इस तरह के कामों को टालना महंगा पड़ सकता है। वहीं डिजाइनर फर्नीचर, महंगे पर्दे, सजावटी लाइट्स, वॉल आर्ट और दूसरे डेकोरेशन से जुड़े काम बाद में करें।

घर की जरूरतों की एक लिस्ट बनाएं और सामान को जरूरी चीजें, बाद में किए जाने वाले अपग्रेड और लग्जरी आइटम की तीन कैटेगरी में बांटें। इससे भावनाओं में आकर होने वाली खरीदारी पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी।

सारा सामान एक बार में न खरीदें

नए घर में प्रवेश करते ही हर कमरे को पूरी तरह तैयार करने की कोशिश बजट पर भारी पड़ सकती है। पहले जरूरी फर्नीचर और आवश्यक उपकरण खरीदें। बाकी सामान धीरे-धीरे अपनी आय और मासिक कैश फ्लो के हिसाब से जोड़ें। घर को एक बार में पूरा करने के बजाय इसे लंबे समय की परियोजना की तरह देखने से अनावश्यक खर्च कम किया जा सकता है।

सोशल मीडिया का दबाव न लें

सोशल मीडिया पर दिखने वाले खूबसूरत घर और महंगे इंटीरियर देखकर वैसा ही घर बनाने का दबाव महसूस होना स्वाभाविक है। लेकिन किसी दूसरे व्यक्ति की लाइफस्टाइल आपके बजट के लिए सही हो, यह जरूरी नहीं। इसलिए ट्रेंड या दिखावे के बजाय अपनी जरूरत, आय और वित्तीय लक्ष्यों के आधार पर खरीदारी करें।

ऑनलाइन-ऑफलाइन दाम की तुलना करें

फर्नीचर, मैट्रेस, इलेक्ट्रॉनिक्स या लाइटिंग खरीदने से पहले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, लोकल मार्केट और ब्रांडेड स्टोर की कीमतें जरूर जांचें। सिर्फ कीमत ही नहीं, बल्कि डिलीवरी, इंस्टॉलेशन, वारंटी और सामान की क्वालिटी को भी तुलना में शामिल करें। कई बार थोड़ा महंगा लेकिन टिकाऊ सामान लंबे समय में ज्यादा किफायती साबित होता है। त्योहारों की सेल और बैंक ऑफर पर नजर रखना भी बचत का अच्छा तरीका हो सकता है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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