अगले सप्ताह के लिए शेयर बाजार का नजरिया
मुख्य बातें
Stock Market Outlook: भारतीय शेयर बाजार ने इस सप्ताह (15-17 अप्रैल) केवल तीन दिनों के कारोबार में शानदार प्रदर्शन किया। इससे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के 2 अप्रैल को पारस्परिक टैरिफ की घोषणा के बाद आई गिरावट की लगभग पूरी तरह से रिकवरी हो गयी है। NSE निफ्टी 50 और सेंसेक्स दोनों में लगभग 6% की तेजी देखी गई, जबकि मिड-कैप और स्मॉल-कैप सूचकांकों में क्रमशः 6% और 8% की वृद्धि हुई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को बाजार की इस फ्लेक्सिबिलिटी की सराहना की और घरेलू निवेशकों की इस स्थिरता में अहम भूमिका पर रोशनी डाली।
ये भी पढ़ें -
बीते सप्ताह रियल्टी सूचकांक 8.9%, दूरसंचार 8%, और पूंजीगत वस्तुएं 6.8% की वृद्धि के साथ सभी सूचकांकों के लिए सकारात्मक रहा। वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, बाजार ने जोखिम-रहित भावना को फिर से अपनाया।
इंडिया VIX, जो बाजार की अस्थिरता को दर्शाता है, 2.50% की कमी के साथ 15.47 पर आ गया, जो कम अस्थिरता का संकेत देता है। ईटी नाउ की रिपोर्ट के अनुसार कोटक सिक्योरिटीज के अमोल अठावले ने कहा कि बाजार ने 20-दिन और 50-दिन के सिम्पल मूविंग एवरेज (SMA) को पार कर लिया है, जो सकारात्मक है।
तकनीकी नजरिए से, निफ्टी ने दैनिक और साप्ताहिक चार्ट पर मजबूत तेजी वाली कैंडल बनाई है, जो अंडरलाइंग ताकत को दर्शाता है। असित सी. मेहता इन्वेस्टमेंट इंटरमीडिएट्स के हृषिकेश येडवे ने कहा कि 23,900 के स्तर को बनाए रखने से निफ्टी 24,050 की ओर बढ़ सकता है।
अठावले ने बताया कि 23,500/77400 और 23,350/76900 मेन सपोर्ट जोन रहेंगे, जबकि 24,000/79000 और 24,200/79600 अड़चन वाले स्तर हो सकते हैं। यदि बाजार 23,350/76900 से नीचे जाता है, तो ट्रेंड बदल सकता है।
Q4FY25 के तिमाही नतीजों के सीजन की शुरुआत हो चुकी है। अगले सप्ताह भी निवेशकों का फोकस इस पर रहेगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि शॉर्ट टर्म मार्केट की बनावट तेजी वाली है, लेकिन अस्थायी ओवरबॉट स्थिति के कारण निकट भविष्य में सीमित दायरे में गतिविधि देखी जा सकती है।
येडवे ने सुझाव दिया कि 23,800 और 23,500 के सपोर्ट स्तर बने रहने तक 'डिप पर खरीद' की स्ट्रेटेजी सही रहेगी।
डिस्क्लेमर : ये लेख केवल जानकारी देने के लिए है। इसे किसी भी निवेश की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। टाइम्स नाउ नवभारत अपने पाठकों को सुझाव देता है कि वे पैसे से संबंधित कोई भी निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से परामर्श करें।