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सऊदी अरब की सबसे बड़ी रिफाइनरी पर हूतियों का हमला, क्रूड फिर 115 डॉलर पार

हूतियों ने सऊदी अरब की सबसे बड़ी रिफाइनरी रास तानुरा पर मिसाइल हमले का दावा किया है। हूतियों के इस हमले को एनर्जी मार्केट ने बड़े जोखिम के तौर पर लिया है, जिससे क्रूड का भाव उछल गया है।

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हूतियों के हमलों से एनर्जी मार्केट में टेंशन

Oil Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी है। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी रास तानुरा (Ras Tanura) पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला करने का दावा किया है। इस खबर ने ग्लोबल ऑयल सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

बुधवार, 28 अक्टूबर को शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। वहीं, अमेरिकी कच्चे तेल WTI का भाव भी 101 डॉलर से ऊपर निकल गया। हमले के दावे से पहले मंगलवार को मिडिल ईस्ट में बातचीत की खबरों के बीच तेल की कीमतों में करीब 2 डॉलर की गिरावट आई थी।

लेकिन रिफाइनरी को निशाना बनाए जाने की खबर ने बाजार का रुख फिर बदल दिया। हालांकि, सऊदी अधिकारियों ने रिफाइनरी पर सीधे हमले की तत्काल पुष्टि नहीं की। अधिकारियों ने मिसाइलों को इंटरसेप्ट किए जाने की जानकारी दी, जबकि रास तानुरा के आसपास आग लगने की खबर आई। नुकसान और तेल लोडिंग ऑपरेशन पर असर की स्थिति स्पष्ट नहीं थी।

ब्रेंट 115 डॉलर के पार

बुधवार को एनर्जी मार्केट में ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.48 डॉलर यानी 1.3% की तेजी के साथ 115.36 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 1.22 डॉलर यानी करीब 1.22% चढ़कर 101.12 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।

कितनी अहम रास तानुरा रिफाइनरी?

सऊदी अरब के पूर्वी तट पर स्थित रास तानुरा पश्चिम एशिया के सबसे अहम ऊर्जा केंद्रों में से एक है। इसकी रिफाइनिंग क्षमता करीब 5.5 लाख बैरल प्रतिदिन है। रिफाइनरी परिसर के साथ यहां एक अहम निर्यात टर्मिनल भी मौजूद है।

सऊदी अरब दुनिया का सबसे बड़ा क्रूड ऑयल निर्यातक है। उसके तेल निर्यात के लिए रास तानुरा और लाल सागर के तट पर स्थित यानबू दो प्रमुख बंदरगाह हैं। ऐसे में रास तानुरा के आसपास किसी भी सैन्य गतिविधि से बाजार में सप्लाई बाधित होने की आशंका बढ़ सकती है।

हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि बैलिस्टिक मिसाइल हमले से रिफाइनरी परिसर में भीषण आग लगी। हालांकि, सऊदी अधिकारियों ने सीधे इस ठिकाने पर हमले की पुष्टि नहीं की। समुद्री सुरक्षा एजेंसी वैनगार्ड के मुताबिक, इलाके में आग लगने की खबर थी और आग पर काबू पा लिए जाने की सूचना मिली, लेकिन नुकसान का आकलन और तेल लोडिंग पर असर स्पष्ट नहीं था।

भारत पर क्या होगा असर?

भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयातित कच्चे तेल से पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड महंगा रहने से देश के तेल आयात बिल पर दबाव बढ़ सकता है। इससे रुपये, महंगाई और सरकार के आर्थिक गणित पर भी असर पड़ने की आशंका रहती है। PPCA के आंकड़ों के मुताबिक इंडियन बास्केट में अक्टूबर में क्रूड आयात का औसत दाम 120 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है। वहीं, मंलगवार को भारत ने 123 डॉलर प्रति बैरल के औसत से क्रूड खरीदा।

    Yateendra Lawaniya
    यतींद्र लवानियाauthor

    प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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