Loan EMI: देश में बढ़ रही महंगाई पर काबू पाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बार फिर से रेपो रेट में बढ़ोतरी कर दी है। अब होम लोन (Home Loan), कार लोन (Car Loan) और अन्य सभी तरह के लोन ग्राहक इस चिंता में हैं कि उनके लोन की किस्त कितनी बढ़ेगी। हालांकि यह बैंकों पर निर्भर करता है कि वे लोन की ब्याज दर कितनी बढ़ाते हैं। दरअसल रेपो रेट वह दर होती है जिस दर पर कमर्शियल बैंक आरबीआई से पैसे उधार लेते हैं। अगर केंद्रीय बैंक रेपो रेट बढ़ा देते हैं तो बैंक की ओर से उधार ली गई रकम पर ब्याज भी बढ़ जाती है। ज्यादातर बैंक इस बढ़ी हुई दर का बोझ ग्राहकों पर डालते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक vs सोमवार से शुरू हुई मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक के बाद सात दिसंबर को इसके निर्णयों का ऐलान किया।
केंद्रीय बैंक पांच बार में रेपो रेट कुल 2.25 फीसदी बढ़ा चुका है। आइए जानते हैं इस साल ब्याज दर कब- कब बढ़ी -
- मई 2022 - 0.4 फीसदी
- 8 जून 2022 -0.5 फीसदी
- 5 अगस्त 2022 - 0.5 फीसदी
- 30 सितंबर 2022 - 0.5 फीसदी
- 7 दिसंबर 2022 - 0.35 फीसदी
लोन ग्राहकों पर क्या होगा असर?
भारतीय रिजर्व बैंक के फैसले से देश के करोड़ों लोन ग्राहकों पर भारी असर पड़ेगा। केंद्रीय बैंक की ओर से रेपो रेट में 0.35 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी के बाद अब लोन की ईएमआई बढ़ सकती है। ऐसा माना जा रहा है कि देश के प्रमुख बैंक जल्द ही अपनी ब्याज दरों में बढ़ोतरी का ऐलान करेंगे। अगर ऐसा होता है तो लोन की किस्त बढ़ जाएगी।
क्या करें लोन ग्राहक?
इस बढ़ी हुई ब्याज दर के प्रभाव को कम करने के लिए लोन ग्राहक या तो अपनी समान मासिक किश्तों यानी ईएमआई को बढ़ा सकते हैं, या वे अपने लोन की अवधि में इजाफा करवा सकते हैं।
