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घर का किराया और EMI में क्या है बेस्ट,जानिए अपने लिए सही विकल्प

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Apr 25, 2023, 06:23 PM IST

Home Loan EMI Vs Rent: होम लोन लेकर घर खरीदने से पहले कई बातों का ध्यान रखना बेहद अहम है। असल में आम तौर पर बैंक और होम फाइनेंस कंपनियों से 80 फीसदी रकम लोन के रुप में मिल जाती है। जबकि शेष रकम खुद जुटानी होती है। लेकिन अगर EMI की रकम आपकी जरूरत के घर के रेंट से कहीं ज्यादा है तो यह घाटे का सौदा भी बन सकती है।

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घर खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

Home Loan EMI Vs Rent:हर इंसान के लिए घर खरीदना एक सपना होता है। और वह इसके लिए न केवल सेविंग करता है बल्कि लोन का विकल्प चुनता है। लेकिन घर लेते समय फाइनेंशियल प्लानिंग बेहद अहम होती है। क्योंकि लेते समय आपके पास कितना पैसा है, कितना आप लोन लेते हैं, और किस उम्र तक आप लोन चुकाएंगे ये सब-कुछ मायने रखता है। इसलिए कई बार ज्यादा लोन लेकर घर लेना घाटे का सौदा भी बन सकता है। ऐसे में आज हम आपको बता रहे हैं कि कब आपके लिए घर खरीदने का सही टाइम बनेगा और किस वक्त लोन लेकर घर लेने से अच्छा रेंट पर रहना होता है..

होम लोन का समझें गणित

देखिए होम लोन से घर खरीदने से पहले कई बातों का ध्यान रखना बेहद अहम है। असल में आम तौर पर बैंक और होम फाइनेंस कंपनियों से 80 फीसदी रकम लोन के रुप में मिल जाती है। जबकि शेष रकम खुद जुटानी होती है। लेकिन अगर EMI की रकम आपकी जरूरत के घर के रेंट से कहीं ज्यादा है तो यह घाटे का सौदा भी बन सकती है।

मसलन अगर कोई व्यक्ति 3BHK घर के लिए 40 लाख रुपये लोन लेता है और उसे वह 20 साल तक चुकाने का विकल्प चुनता है। तो यह घाटे का सौदा हो सकता है। ऐसा इसलिए है कि उसकी ईएमआई करीब 37 हजार रुपये होगी। और दिल्ली-एनसीआर में आसानी से घर 20-25 हजार के रेंट पर मिल सकता है। यह विकल्प उस समय फाइनेंशियल दिक्कतों को भी खड़ी कर सकता है . जब किसी व्यक्ति ने अपनी इनकम की करीब 40-50 फीसदी राशि हर महीने ईएमआई के रुप में देने का विकल्प चुन लिया है। क्योंकि ऐसा होने से उसे अपनी दूसरी जरुरतों को पूरा करना मुश्किल होगा।

इसके अलावा वह अगले 20 साल में 9.2 फीसदी के रेट पर 47 लाख रुपये ब्याज के रुप में चुकाएगा। यानी वह 40 लाख रुपये के लोन के एवज में 87 लाख रुपये चुकाएगा। और ऐसी संभावना कम है कि 20 साल बाद उस घर की कीमत एक करोड़ रुपये हो जाए। क्योंकि घर की उम्र ज्यादा होने के बाद ज्यादा कीमत मिलने की संभावना अब कम होने लगी है।

50 फीसदी रकम खुद करें इक्ट्ठा

अगर आप घर खरीदना चाहते हैं तो कोशिश करें कि कीमत की 50 फीसदी रकम खुद इक्ठा करें। ऐसा करने से आपको 80 फीसदी की जगह 50 फीसदी रकम पर ही लोन चुकाना होगा। जो कि रेंटल वैल्यू के करीब ही रहेगा। साथ ही आप अपनी दूसरी जिम्मेदारियां भी आसानी से पूरी कर सकेंगे। इसके अलावा कोशिश करें कि कम अवधि का लोन लें। लोन की अवधि ऐसी हो कि आपका होम लोन 50-55 साल की उम्र तक खत्म हो जाए। ऐसा कभी नहीं करें कि रिटायरमेंट की उम्र के समय तक आपको लोन चुकाना पड़े। क्योंकि वह समय सबसे ज्यादा जिम्मेदारियां पूरी करने का होता है।

इसके अलावा एक अहम बात यह है कि अगर आप ज्यादा लोन चुकाने की क्षमता रखते हैं और आपकी उम्र कम है तो यह होम लोन लेने का सबसे अच्छा समय होता है। क्योंकि उस वक्त जिम्मेदारियां कम होती है। और आप बेहद कम्र में EMI फ्री जीवन जी सकेंगे।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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