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GST Notice Vodafone Idea: वोडाफोन-आइडिया को GST नोटिस, पटना कार्यालय ने कहा कंपनी करें 15.19 करोड़ का पेमेंट

GST Notice Vodafone Idea: पटना स्थित जीएसटी कार्यालय ने उस पर यह जुर्माना वित्त वर्ष 2019-20 और 2020-21 में पात्र नहीं होने के बाद भी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का फायदा उठाने के लिए लगाया है।वीआईएल ने कहा कि वह इस आदेश से सहमत नहीं है और इस पर समुचित कानूनी कार्यवाही करेगी।

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वोडाफोन आइडिया को जीएसटी नोटिस

GST Notice Vodafone Idea:जीएसटी विभाग ने गलत ढंग से इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने के मामले में दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (वीआईएल) को 15.19 करोड़ रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है। कंपनी पर 1.51 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। वोडाफोन आइडिया को पटना स्थित जीएसटी कार्यालय से यह नोटिस मिला है। वीआईएल ने कहा कि वह इस आदेश से सहमत नहीं है और इस पर समुचित कानूनी कार्यवाही करेगी।

क्या है मामला

वोडाफोन आइडिया ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि पटना स्थित जीएसटी कार्यालय ने उस पर यह जुर्माना वित्त वर्ष 2019-20 और 2020-21 में पात्र नहीं होने के बाद भी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का फायदा उठाने के लिए लगाया है।वीआईएल ने कहा कि वह इस आदेश से सहमत नहीं है और इस पर समुचित कानूनी कार्यवाही करेगी।

कंपनी ने कहा कि पटना में सीजीएसटी और केंद्रीय उत्पाद शुल्क के संयुक्त आयुक्त ने केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 के तहत एक आदेश पारित किया, जिसमें 1,51,92,035 रुपये जुर्माना और देय ब्याज के साथ 15,19,20,351 रुपये की मांग की गई।कंपनी को 28 अगस्त को एक आदेश मिला जिसमें “वित्त वर्ष 2019-20 और 2020-21 के लिए अयोग्य इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाने” का आरोप लगाया गया है।कंपनी ने कहा कि अधिकतम वित्तीय प्रभाव कर मांग, ब्याज और लगाए गए जुर्माने की सीमा तक है। कंपनी आदेश से सहमत नहीं है और उचित कार्यवाही करेगी।

कंपनी ने DOT को 700 करोड़ का पेमेंट किया

इसके पहले वोडाफोन आइडिया ने डिपार्टमेंट ऑफ टेलिकॉम (DoT) को करीब 700 करोड़ रुपए का पेमेंट किया है। कंपनी ने यह पेमेंट अप्रैल-जून के लिए लाइसेंस फीस और स्पेक्ट्रम के बकाया के लिए किया। जून तिमाही के अंत में कंपनी पर 4,650 करोड़ रुपए का कुल कर्ज था। एक साल पहले यह यह 9,200 करोड़ रुपए था। इसके अलावा अपने नेटवर्क विस्कार के लिए के लिए फंड जुटाने के लिए बैंकों के एक कॉन्सोर्टियम के साथ बातचीत कर रही है। कंपनी 25,000 करोड़ रुपए जुटाने की तैयारी में है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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