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सरकार ने दिया PSU की कमाई का हिसाब, मुनाफा 10% घटा, 63 कंपनियों ने डुबाए ₹18 हजार करोड़

केंद्र सरकार ने मंगलवार को सरकारी कंपनियों की कमाई का हिसाब जारी किया है। पब्लिक एंटरप्राइजेज सर्वे 2024-25 के 226 सरकारी कंपनियों का कुल मुनाफा करीब 10% घटकर ₹3.08 लाख करोड़ रह गया। वहीं, 63 सरकारी कंपनियों को मिलाकर करीब ₹18 हजार करोड़ का घाटा हुआ है।

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सरकारी कंपनियों का प्रॉफिट घटा

Public Enterprises Survey 2024-25 के मुताबिक सरकार की 226 कंपनियां प्रॉफिट में हैं। जबकि, 63 सरकारी कंपनियां घाटे में हैं। सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की कमाई का ताजा हिसाब जारी किया है। पब्लिक एंटरप्राइजेज सर्वे 2024-25 के मुताबिक लाभ में चल रही 226 CPSE कंपनियों का कुल मुनाफा करीब 10% घटकर ₹3.08 लाख करोड़ रह गया। वहीं 63 सरकारी कंपनियों को मिलाकर करीब ₹18 हजार करोड़ का घाटा हुआ है।

मुनाफे में करीब 10% की गिरावट

वित्त मंत्रालय के सार्वजनिक उद्यम विभाग (DPE) द्वारा जारी Public Enterprises Survey 2024-25 के अनुसार सरकारी कंपनियों के कुल मुनाफे में सालाना आधार पर गिरावट दर्ज की गई है। FY24 में लाभ में चल रही CPSE कंपनियों का कुल नेट प्रॉफिट ₹3,42,802 करोड़ था, जो FY25 में घटकर ₹3,08,674 करोड़ रह गया। इस तरह सरकारी कंपनियों के कुल मुनाफे में करीब 10% की कमी आई है।

226 कंपनियां मुनाफे में

रिपोर्ट के मुताबिक कुल 226 केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां वित्त वर्ष 2024-25 में मुनाफे में रहीं। ऊर्जा, कोल, पावर और वित्तीय सेवाओं से जुड़ी कंपनियों ने सबसे ज्यादा कमाई दर्ज की। इन सेक्टर की बड़ी कंपनियां लगातार सरकारी खजाने में अहम योगदान दे रही हैं और CPSE सेक्टर की कमाई का बड़ा हिस्सा इन्हीं से आता है।

कोल और पावर कंपनियों का दबदबा

सरकारी आंकड़ों के अनुसार कोल सेक्टर की कंपनियों ने सबसे ज्यादा मुनाफा कमाया। Coal India और उसकी सहायक कंपनियों ने हजारों करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया। वहीं बिजली उत्पादन से जुड़ी कंपनियों में NTPC, Nuclear Power Corporation, NHPC और NLC India जैसी कंपनियों ने भी मजबूत कमाई दर्ज की और पावर सेक्टर CPSE मुनाफे का बड़ा स्तंभ बना रहा।

तेल और गैस कंपनियों की बड़ी हिस्सेदारी

क्रूड ऑयल और पेट्रोलियम सेक्टर की कंपनियों ने भी सरकारी कंपनियों की कमाई में अहम योगदान दिया। ONGC इस सेक्टर की सबसे ज्यादा कमाई वाली कंपनी रही, जबकि Oil India और ONGC Videsh ने भी मजबूत मुनाफा दर्ज किया। हालांकि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर कुल कमाई पर देखने को मिला।

फाइनेंशियल PSU कंपनियों का मजबूत प्रदर्शन

फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर की कंपनियां भी CPSE कमाई का बड़ा स्रोत बनी रहीं। Power Finance Corporation, REC, Indian Railway Finance Corporation, IREDA और HUDCO जैसी कंपनियों ने मजबूत मुनाफा दर्ज किया। इंफ्रास्ट्रक्चर और पावर सेक्टर में बढ़ते निवेश ने इन कंपनियों की आय को सहारा दिया।

63 कंपनियां अब भी घाटे में

रिपोर्ट के मुताबिक 63 CPSE कंपनियां अब भी घाटे में चल रही हैं और FY25 में इनका कुल नुकसान ₹18,055 करोड़ रहा। टेलीकॉम सेक्टर की कंपनियां BSNL और MTNL सबसे ज्यादा घाटे वाली कंपनियों में शामिल हैं। इसके अलावा कुछ स्टील, ऑयल और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियां भी घाटे में दर्ज की गई हैं।

सरकार और कंपनियों के स्तर पर सुधार की कोशिश

सरकार का कहना है कि CPSE कंपनियां संबंधित मंत्रालयों के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करती हैं। जिन कंपनियों का प्रदर्शन कमजोर है, उनके लिए पुनर्गठन, पुनर्जीवन और कारोबारी सुधार से जुड़े फैसले कंपनी के बोर्ड और संबंधित मंत्रालय मिलकर लेते हैं। सरकार का लक्ष्य इन कंपनियों की वित्तीय स्थिति को बेहतर बनाना है।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानिया author

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों... और देखें

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