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गोल्ड लोन या पर्सनल लोन: आपके लिए कौन-सा विकल्प है ज्यादा फायदेमंद?

अगर पैसों की तंगी हो जाए और लोन लेने की नौबत आ जाए, तो सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि कौन-सा लोन आपके लिए कम खर्चीला और ज्यादा सुरक्षित साबित होगा। कोशिश हमेशा यही होनी चाहिए कि कर्ज से जितना हो सके दूर रहें, लेकिन अगर लेना ही पड़े, तो सही विकल्प चुनकर ही आगे बढ़ें ताकि बोझ कम पड़े और फाइनेंशियल जोखिम भी न बढ़े।

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Gold Loan vs Personal Loan

जब आपको अचानक पैसों की जरूरत होती है, तो लोन लेने का विचार सबसे पहले दिमाग में आता है। ऐसे में अक्सर सवाल उठता है गोल्ड लोन (सोने को गिरवी रखकर) लेना चाहिए या पर्सनल लोन (बिना किसी सुरक्षा के)? दोनों के अपने फायदे और नुकसान हैं, और आपके लिए सही ऑप्शन तय करना इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी आर्थिक स्थिति और जरूरतें क्या हैं। ऐसे में आइए आपको बताते हैं गोल्ड लोन या पर्सनल लोन में से आपके लिए क्या फायदेमंद है?

गोल्ड लोन के फायदे

गोल्ड लोन में आपकी गोल्ड ज्वेलरी, गोल्ड बार या सिक्के गिरवी रखे जाते हैं, और इसके आधार पर बैंक या NBFC आपको लोन देता है। क्योंकि आपके पास एक भौतिक कोलैटरल (सोना) है, इसलिए ब्याज दरें आमतौर पर पर्सनल लोन की तुलना में काफी कम होती हैं। उदाहरण के लिए, कई बैंक गोल्ड लोन पर 8% से लेकर 16% तक का ब्याज लेते हैं।

इसके अलावा, गोल्ड लोन तेजी से मंजूर हो जाता है क्योंकि लोनदाता आपके क्रेडिट स्कोर की बजाय कोलैटरल की वैल्यू देखकर लोन की राशि तय करता है। लोन-टू-वैल्यू (LTV) अनुपात भी महत्वपूर्ण है यानी आपके सोने की मार्केट वैल्यू के कितने प्रतिशत तक लोन मिल सकता है। आमतौर पर यह 75% होता है, लेकिन कुछ हालिया हद तक 90% तक भी बढ़ी है।

गोल्ड लोन की अवधि (टेन्योर) आमतौर पर छोटी होती है 6 महीने से 3 साल तक की लोन-समय सीमा मिल सकती है। जिसके चलते अगर आपकी जरूरत अस्थायी है, तो गोल्ड लोन बेहतर विकल्प हो सकता है। लेकिन खतरा भी है: अगर आप लोन चुकाने में असमर्थ रहे, तो आपका गिरवी रखा हुआ सोना नीलामी में बिक सकता है।

पर्सनल लोन के फायदे

पर्सनल लोन वह विकल्प है जिसमें आपको कोलैटरल देने की ज़रूरत नहीं होती है। आप अपनी नौकरी, इनकम और क्रेडिट स्कोर के आधार पर यह लोन ले सकते हैं। कई बैंक और NBFC पर्सनल लोन ऑफ़र करते हैं। लेकिन इसका बड़ा उल्टा पक्ष है ब्याज दर बहुत अधिक हो सकती है। कुछ व्यक्तिगत लोनर्स 11%-18% बीस तक सालाना ब्याज दर ले सकते हैं। इसके अलावा प्रोसेसिंग फीस और प्रीपेमेंट चार्ज भी हो सकते हैं, जो कुल लागत बढ़ा देते हैं।

दूसरी ओर, अगर आप समय पर EMI चुकाते हैं तो यह आपके क्रेडिट स्कोर के लिए अच्छा भी हो सकता है। एक लंबी अवधि के लिए लोन लेने की स्थिति में पर्सनल लोन आपके लिए सुविधाजनक रहते हैं क्योंकि आपको मासिक किस्तों में भुगतान करने में आसानी होती है।

आपके लिए सही विकल्प कौन-सा है?

अगर आपके पास सोना है और आप उसे गिरवी में रखकर कम ब्याज पर तुरंत पैसा लेना चाहते हैं, तो गोल्ड लोन एक बहुत मुफ़ीद विकल्प है। यह जल्दी मंजूर होता है और ब्याज दरें भी अपेक्षाकृत कम होती हैं। लेकिन ध्यान रहे यह एक सुरक्षित लोन है, इसलिए चूके हुए भुगतान पर आपका सोना खोने का जोखिम है।

वहीं अगर आप बिना किसी गिरवी के लोन लेना चाहते हैं, और आपकी क्रेडिट हिस्ट्री अच्छी है, तो पर्सनल लोन आपके लिए बेहतर साबित हो सकता है। हालांकि यह महंगा हो सकता है, लेकिन इस प्रकार का लोन आपकी क्रेडिट हिस्ट्री सुधारने में मदद कर सकता है और लंबे समय तक किस्तों में भुगतान करना आसान होता है।

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Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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