Go First To Get New Bids: दिवालिया हो चुकी गो फर्स्ट (Go First) एयरलाइन के लेनदारों ने नवंबर में समाप्त हुई 'बिड प्रॉसेस' में कोई बोली नहीं मिलने के एक महीने से अधिक समय के बाद बंद पड़ी एयरलाइन को मैनेज करने के लिए संभावित रेजोल्यूशन ऐप्लिकेंट्स (आरए) से नए प्रस्तावों को अनुमति देने के लिए सर्वसम्मति से मतदान किया है। यानी गो फर्स्ट के लेनदारों ने एयरलाइन के लिए रुचि रखने वाली कंपनियों को फिर से बोली लगाने की इजाजत दे दी है। 5 कंपनियों ने एयरलाइन में (खरीदने) रुचि व्यक्त की है।
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ये हैं तीन कंपनियां
इनमें शारजाह की एयरलाइन कंपनी स्काई वन (Sky One), अफ्रीका-केंद्रित सैफ्रिक इन्वेस्टमेंट्स (Safrik Investments) और बजट एयरलाइन स्पाइसजेट (Spicejet) शामिल हैं। इन तीनों कंपनियों ने पिछले महीने एक्सप्रेशंस ऑफ इंटेरेस्ट (ईओआई) जमा किए थे।
कौन सी हैं दो बाकी कंपनियां
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार बाकी अन्य दो कंपनियों में अमेरिका की एनएस एविएशन और प्लान आईटी शामिल हैं। इन सभी आवेदकों को अब 5 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा करनी होगी और प्रॉसेस में भाग लेने के लिए औपचारिक ईओआई देना होगा।
स्पाइसजेट को माना जा रहा गंभीर दावेदार
नए आवेदकों में स्पाइसजेट को घरेलू एयरलाइन होने के नाते एक गंभीर दावेदार माना जाता है। एनएस एविएशन जिसने पिछले साल जून में घोषणा की थी कि उसने हैदराबाद स्थित बंद हो चुकी बजट एयरलाइन ट्रूजेट में 85% हिस्सेदारी हासिल कर ली है, उसने यह भी कहा है कि वह एक प्लान पेश करेगा।
