Global Share Market Today: अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज को लेकर बढ़ती खींचतान के चलते Brent Crude Oil Price 100 डॉलर प्रति बैरल पार हो गया है। इससे ग्लोबल इक्विटी मार्केट्स में निवेशकों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। भारतीय बाजार के फ्यूचर इंडेक्स GIFT Nifty में इसी वजह से 200 अंक से ज्यादा की गिरावट आई है। इससे बेंचमार्क इंडेक्स Nifty में 200 अंक गैप डाउन के संकेत मिल रहे हैं।
Nifty के लिए 24,200 बना निर्णायक स्तर
बुधवार को Nifty 24,500 के नीचे फिसलकर 24,378 पर बंद हुआ और तीन दिन की तेजी पर ब्रेक लग गया। अब गुरुवार के लिए संकेत और भी कमजोर हैं। GIFT Nifty 229 अंक गिरकर 24,135 के आसपास ट्रेड कर रहा है, जो साफ तौर पर गैप-डाउन ओपनिंग की ओर इशारा करता है। टेक्निकल एनालिस्ट्स के मुताबिक 24,200 का स्तर बाजार के लिए अहम सपोर्ट है। इसके नीचे फिसलने पर Nifty 23,900 तक जा सकता है। India VIX 4.3% उछलकर 18.30 पर पहुंच गया है, जो बाजार में बढ़ते डर और वोलैटिलिटी का संकेत है।
तेल की कीमतों में उछाल से डर बढ़ा
US और Iran के बीच तनाव और Strait of Hormuz को लेकर अनिश्चितता बाजार के लिए सबसे बड़ा जोखिम बनी हुई है। Brent Crude 103 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जिससे महंगाई और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर की चिंता बढ़ी है। तेल की कीमतों में तेजी सीधे तौर पर भारतीय बाजार पर दबाव डालती है, क्योंकि इससे आयात बिल और रुपये पर असर पड़ता है। यही वजह है कि निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं।
एशिया बाजारों में कमजोरी
अमेरिकी बाजारों में मजबूती रही, जहां S&P 500 और Nasdaq रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुए। हालांकि एशियाई बाजारों में गिरावट का माहौल दिखा। Nikkei, Hang Seng और अन्य प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में ट्रेड करते नजर आए। यूरोपीय फ्यूचर्स भी दबाव में हैं, जिससे साफ है कि ग्लोबल सेंटिमेंट फिलहाल स्थिर नहीं है और किसी भी नकारात्मक खबर का असर बाजार पर तेजी से पड़ सकता है।
बाजार के लिए डबल झटका
विदेशी निवेशकों ने बुधवार को ₹2,078 करोड़ की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने भी ₹1,078 करोड़ के शेयर बेचे। लगातार बिकवाली बाजार के लिए बड़ा नकारात्मक संकेत है। रुपया भी लगातार तीसरे दिन कमजोर हुआ है, जिससे विदेशी निवेशकों का भरोसा और कम हो सकता है।
बाजार में अनिश्चितता बढ़ी
मौजूदा हालात में बाजार की दिशा पूरी तरह से पश्चिम एशिया के घटनाक्रम और तेल की कीमतों पर निर्भर है। जब तक Nifty 24,200 के ऊपर मजबूत पकड़ नहीं बनाता, तब तक गिरावट का खतरा बना रहेगा। निवेशकों को फिलहाल सावधानी के साथ रणनीति बनानी चाहिए।
