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और लगेगा महंगाई का झटका, रोटी-पराठे के लिए चुकानी होगी ज्यादा कीमत

Food Inflation May Rise: किसानों की तरफ से की जाने वाली सप्लाई में पहले ही गिरावट आई है, जिससे पता चलता है कि कृषि मंत्रालय का उत्पादन अनुमान हकीकत में रहने वाले उत्पादन से ज्यादा है।

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रोटी-पराठे होंगे महंगे

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • गेहूं का उत्पादन रह सकता है कम
  • रोटी-पराठे के बढ़ सकते हैं दाम
  • खाद्य मुद्रास्फीति में हो सकती है बढ़ोतरी

Food Inflation May Rise: बहुत जल्दी रोटी-पराठे के लिए आपको ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। दरअसल 2023 में भारत में गेहूं की फसल सरकार के अनुमान 112.74 मिलियन मीट्रिक टन से कम से कम 10 प्रतिशत कम देखी रह सकती है।

इंडस्ट्री का अनुमान है कि इस साल गेहूं की फसल 101 मिलियन से 103 मिलियन टन तक रह सकती है। इतना उत्पादन बीते दो वर्षों में सबसे कम होगा और इसके नतीजे में मुख्य और ओवरऑल खाद्य मुद्रास्फीति (Food Inflation) की कीमतों को कंट्रोल में रखने का सरकार का प्रयास मुश्किल हो जाएगा।

किसानों की तरफ से सप्लाई घटी

रॉयटर्स की रिपोर्ट में एक प्रमुख ट्रेड बॉडी के हवाले से गेहूं का उत्पादन अनुमान से कम रहने की बात कही गई है। किसान मार्च से गेहूं की कटाई शुरू करते हैं, और जून तक अपनी अधिकतर फसल स्टेट एजेंसियों और प्राइवेट ट्रेडर्स को बेच देते हैं।

किसानों की तरफ से की जाने वाली सप्लाई में पहले ही गिरावट आई है, जिससे पता चलता है कि कृषि मंत्रालय का उत्पादन अनुमान हकीकत में रहने वाले उत्पादन से ज्यादा है।

गेहूं हुआ महंगा

नई दिल्ली में गेहूं की कीमतें पिछले दो महीनों में 10 प्रतिशत बढ़कर 24,900 रुपये प्रति मीट्रिक टन हो गई हैं, जिससे सरकार को 15 वर्षों में पहली बार ट्रेडर्स द्वारा रखे जाने वाले गेहूं स्टॉक की मात्रा के लिए लिमिट तय करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

गेहूं के कम उत्पादन का नतीजा भारत में हाई फूड इंफ्लेशन के रूप में सामने आ सकता है, जो घरेलू बजट और इकोनॉमिक ग्रोथ पर दबाव डालेगा। गेहूं की कीमतें बढ़ने से रोटी-पराठे जैसी बुनियादी खाने वाली चीजें महंगी हो सकती हैं।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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