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गलत क्रेडिट रिपोर्ट से हैं परेशान? तो यहां करें शिकायत हो जाएगा ठीक

अगर आपके भी क्रेडिट रिपोर्ट में फर्जी लोन या गलत एंट्री है जो आपके सिबिल स्कोर पर गलत असर डाल रही है तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है। इसका सीधा असर आपके लोन अप्रूवल, ब्याज दर और क्रेडिट लिमिट पर पड़ता है। इसलिए अगर रिपोर्ट में गलती मिलती है, तो उसे तुरंत ठीक करवाना बेहद जरूरी है।

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क्रेडिट रिपोर्ट आपकी फाइनेंशियल प्रोफाइल का सबसे अहम हिस्सा होती है। बैंक, NBFC या कोई भी फाइनेंशियल संस्था जब आपको लोन या क्रेडिट कार्ड देने पर विचार करती है, तो सबसे पहले आपकी क्रेडिट रिपोर्ट और स्कोर को ही देखती है। ऐसे में यदि रिपोर्ट में कोई गलत जानकारी दर्ज हो जाए जैसे फर्जी लोन अकाउंट, गलत मिस्ड पेमेंट, या कोई अनजान इंक्वायरी तो आपका क्रेडिट स्कोर अचानक गिर सकता है। इसका सीधा असर आपके लोन अप्रूवल, ब्याज दर और क्रेडिट लिमिट पर पड़ता है। इसलिए अगर रिपोर्ट में गलती मिलती है, तो उसे तुरंत ठीक करवाना बेहद जरूरी है।

कहां करें ठीक?

सबसे पहले अपनी क्रेडिट रिपोर्ट डाउनलोड करके ध्यान से जांच करें। भारत में CIBIL, CRIF High Mark सहित चार प्रमुख क्रेडिट ब्यूरो साल में एक बार मुफ्त रिपोर्ट उपलब्ध कराते हैं। रिपोर्ट की हर एंट्री पर्सनल डिटेल, एक्टिव लोन, बकाया रकम, बंद हो चुके अकाउंट की स्थिति सबको ध्यान से देखें और जहाँ गलती मिले, उसे नोट कर लें।

इसके बाद उस गलती को साबित करने वाले सभी दस्तावेज़ इकट्ठा करें। यह बैंक स्टेटमेंट, EMI पेमेंट रसीद, लोन क्लोजर लेटर, कैंसिल्ड चेक या कोई भी ऑफिशियल डॉक्यूमेंट हो सकता है। ये सबूत क्रेडिट ब्यूरो के सामने आपका दावा मजबूत बनाते हैं।

यहां दर्ज करें शिकायत

अगला कदम है क्रेडिट ब्यूरो की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन डिस्प्यूट दर्ज करना। वहां फॉर्म में गलती को चिन्हित करें और अपने सभी सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट अपलोड कर दें। यह प्रक्रिया बिल्कुल मुफ्त होती है। अगर गलती बैंक की ओर से हुई है तो बैंक से भी सीधे संपर्क करना चाहिए, ताकि वे भी गलती को कन्फर्म करके सुधार भेज सकें।

डिस्प्यूट दर्ज होने के बाद क्रेडिट ब्यूरो आमतौर पर 30 दिनों के भीतर अपनी जांच पूरी करता है। इस दौरान वह बैंक या संबंधित संस्था से जानकारी साझा करके जांच की पुष्टि करता है। जांच पूरी होते ही आपको अपडेट भेज दिया जाता है। इसके बाद अपनी रिपोर्ट दोबारा डाउनलोड करके यह सुनिश्चित करें कि सुधार हो चुका है या नहीं।

एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि अपनी क्रेडिट रिपोर्ट साल में कम से कम एक बार जरूर चेक करनी चाहिए। क्योंकि एक छोटी-सी गलती भी आपके फाइनेंशियल भविष्य पर बड़ा असर डाल सकती है। समय पर जांच और सुधार करके आप अपनी फाइनेंशियल साख को मजबूत और सुरक्षित रख सकते हैं।

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रिचा त्रिपाठी
रिचा त्रिपाठी Author

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिच... और देखें

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