EPFO नए साल में देश के लाखों कर्मचारियों को बड़ा तोहफा देना जा रहा है। दरअसल, इनऑपरेटिव (निष्क्रिय) पीएफ अकाउंट में फंसा पैसा अब कर्मचारियों या नौकरीपेशा लोगों को वापस मिलेगा। केंद्रीय श्रम और रोज़गार मंत्री मनसुख मंडाविया ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) निष्क्रिय खातों में फंसे पैसे को दावेदारों को वापस दिलाने में मदद करने के लिए मिशन मोड में 'अपने ग्राहक को जानें' (KYC) अभियान शुरू करेगा। गुजरात में नए बने EPFO रीजनल ऑफिस के उद्घाटन कार्यक्रम में बोलते हुए, मंडाविया ने कहा कि सरकार क्लेम फाइल करने की प्रक्रिया को आसान बनाने और सही दावेदार को आसानी से सेटलमेंट सुनिश्चित करने के लिए एक "समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म" लॉन्च करेगी।
2,150,000 इनऑपरेटिव EPFO अकाउंट
श्रम मंत्रालय में राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे के लोकसभा में दिए गए लिखित जवाब के अनुसार, 31 मार्च, 2024 तक 2,150,000 इनऑपरेटिव (निष्क्रिय) EPFO अकाउंट थे, जिनमें ₹8,505 करोड़ रुपये जमा थे। उसी साल, इनऑपरेटिव अकाउंट से संबंधित लाभार्थियों को ₹2,632 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। ऐसे अकाउंट में फंसा पैसा 2018-19 और 2023-24 के बीच पांच गुना से ज्यादा बढ़ गया, जो पिछले साल ₹1,638.4 करोड़ था।
नए सदस्यों के लिए विशेष सुविधा
मंडाविया ने EPF सुविधा प्रोवाइडर्स की एक व्यवस्था की भी घोषणा की, जो सदस्यों, खासकर नए यूजर्स को समस्याओं को सुलझाने और फायदे पाने में गाइड करने के लिए अधिकृत फैसिलिटेटर के तौर पर काम करेंगे। मंडाविया ने कहा, "2014 से पहले, इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइजेशन (ILO) के अनुसार, भारत में 19 प्रतिशत सोशल सिक्योरिटी कवरेज था। आज, यह बढ़कर 64 प्रतिशत हो गया है, जिसमें ILO और इंटरनेशनल सोशल सिक्योरिटी एसोसिएशन जैसे अंतर्राष्ट्रीय संगठन भारत की प्रगति की तारीफ कर रहे हैं।
