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EPFO Pension: क्या आप पेंशन का लाभ उठाना चाहते हैं? जानिए Form 10C क्यों जरूरी है?

EPFO Pension: EPFO पेंशन योजना में Form 10C जरूरी है, जिससे पेंशन निकासी या Scheme Certificate मिलता है। यह सेवा अवधि, उम्र और दस्तावेजों के आधार पर रिटायरमेंट लाभ सुनिश्चित करता है।

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EPFO क्या है और पेंशन कैसे मिलती है? (तस्वीर-istock)

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EPFO Pension : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) भारत सरकार की एक योजना है जो नौकरीपेशा लोगों की रिटायरमेंट बचत को संभालता है। इसमें कर्मचारी और कंपनी दोनों पैसे जमा करते हैं। आम तौर पर कर्मचारी की सैलरी से 12% योगदान होता है। इसमें से 8.33% हिस्सा पेंशन योजना (EPS) में जाता है और बाकी PF खाते में जमा होता है। अगर कोई कर्मचारी लंबे समय तक (करीब 10 साल या उससे अधिक) नौकरी करता है, तो उसे रिटायरमेंट के बाद मासिक पेंशन (Pension Scheme) मिलने का अधिकार होता है। यह पेंशन उसकी सेवा अवधि और वेतन के आधार पर तय होती है।

EPS 1995 के तहत पेंशन कैसे तय होती है?

Employees’ Pension Scheme 1995 (EPS 1995) के अनुसार, पेंशन की गणना एक आसान फॉर्मूले से होती है। (पेंशन योग्य वेतन × सेवा अवधि) ÷ 70, उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी की सैलरी 25,000 है और उसने 35 साल नौकरी की है, तो उसकी मासिक पेंशन होगी: (25000 × 35) ÷ 70 = 12,500 रुपये प्रति माह। इसका मतलब है कि लंबे समय तक नौकरी करने पर पेंशन की राशि भी बेहतर होती है।

रिटायरमेंट को टालने का विकल्प

EPFO नियमों के अनुसार, पेंशन तुरंत लेने के बजाय इसे 60 साल की उम्र तक टाला भी जा सकता है। इसके दो विकल्प होते हैं। आप योगदान रोक सकते हैं और पैसे को कुछ समय के लिए छोड़ सकते हैं, जिस पर 4% सालाना ब्याज मिलता है (60 साल तक) या फिर आप दो साल और नौकरी करके योगदान जारी रख सकते हैं, जिससे पेंशन की राशि बढ़ सकती है। इससे रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन ज्यादा हो सकती है।

Form 10C क्या है और क्यों जरूरी है?

Form 10C EPFO का एक महत्वपूर्ण फॉर्म है, जिसका उपयोग पेंशन से जुड़े कई कामों के लिए किया जाता है। इसे भरकर आप पेंशन राशि निकाल सकते हैं (कुछ परिस्थितियों में)। Scheme Certificate प्राप्त कर सकते हैं, नौकरी छोड़ने के बाद EPF सदस्यता बनाए रख सकते हैं। अगर कोई व्यक्ति 10 साल की सेवा पूरी करने से पहले नौकरी छोड़ देता है या विशेष परिस्थितियों (जैसे बेरोजगारी या मेडिकल इमरजेंसी) में पेंशन का लाभ लेना चाहता है, तो Form 10C जरूरी हो जाता है।

Form 10C कौन भर सकता है?

यह फॉर्म इन लोगों के लिए है। जिन्होंने 10 साल से कम नौकरी की हो और रिटायर हो रहे हों। जो 58 साल की उम्र से पहले नौकरी छोड़ चुके हों। 10 साल सेवा पूरी करने के बाद भी 50 साल से कम उम्र में हों। 50 से 58 साल की उम्र के बीच हों और पेंशन निकालना चाहते हों। किसी सदस्य की मृत्यु के बाद परिवार या नॉमिनी आवेदन कर रहा हो।

जरूरी दस्तावेज कौन से हैं?

Form 10C भरते समय कुछ जरूरी दस्तावेज लगाने होते हैं। UAN, आधार और PAN नंबर, बैंक खाते की जानकारी और कैंसल चेक, जन्म तिथि और नौकरी छोड़ने की तारीख, पिता/पति का नाम और पता, जरूरत पड़ने पर मृत्यु प्रमाण पत्र या उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र, Scheme Certificate के लिए बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र, 1 रुपये का रेवेन्यू स्टैम्प (कुछ मामलों में)।

EPF से जुड़े टैक्स और ब्याज के फायदे

EPF पर अभी 8.25% ब्याज मिलता है। यह योजना टैक्स बचत के लिए भी फायदेमंद है। कर्मचारी की सालाना 1.5 लाख रुपये तक की राशि पर 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है। कंपनी का योगदान भी टैक्स-फ्री होता है (कुछ सीमा तक)। 2.5 लाख रुपये तक के योगदान पर मिलने वाला ब्याज टैक्स फ्री होता है।

EPFO की पेंशन योजना रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा देती है। Form 10C इस प्रक्रिया का एक जरूरी हिस्सा है, जिससे पेंशन या स्कीम सर्टिफिकेट लिया जा सकता है। सही जानकारी और दस्तावेजों के साथ इसे भरना जरूरी है ताकि भविष्य में पेंशन से जुड़ी कोई दिक्कत न हो।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंह author

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल ... और देखें

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