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Energy storage industry: एनर्जी स्टोरेज इंडस्ट्री में फाइनेंस का बूम, जनवरी-मार्च तिमाही में पांच गुना बढ़कर 12 अरब डॉलर पर पहुंचा

Energy storage industry: तिमाही आधार पर वित्तपोषण चार गुना अधिक था। 2023 की अक्टूबर-दिसंबर या चौथी तिमाही में 3.7 अरब डॉलर का वित्तपोषण हुआ था। लिथियम-आयन वर्तमान में बाजार पर हावी है। लेकिन लंबी अवधि के ऊर्जा भंडारण की आवश्यकता पूरी नहीं हुई है।

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Energy storage industry

Energy storage industry: ऊर्जा भंडारण उद्योग में वैश्विक स्तर पर कॉरपोरेट वित्तपोषण 2024 की पहली तिमाही में पांच गुना बढ़कर 11.7 अरब डॉलर हो गया। अमेरिका की शोध कंपनी मेरकॉम ने मंगलवार को एक रिपोर्ट में कहा कि इस क्षेत्र ने 2023 में जनवरी-मार्च तिमाही में 2.2 अरब डॉलर का निवेश हुआ था।

3.7 अरब डॉलर का वित्तपोषण हुआ

रिपोर्ट के अनुसार, तिमाही आधार पर वित्तपोषण चार गुना अधिक था। 2023 की अक्टूबर-दिसंबर या चौथी तिमाही में 3.7 अरब डॉलर का वित्तपोषण हुआ था। मेरकॉम कैपिटल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राज प्रभु ने कहा, ‘‘नई बैटरी प्रौद्योगिकियों को लेकर आकर्षण है। ऐसे में ऊर्जा भंडारण क्षेत्र में उद्यम पूंजी आकर्षित होती है। वास्तव में ऊर्जा भंडारण ऊर्जा बदलाव के मामले में व्यापक स्तर पर बदलाव लाने वाली अगली कड़ी है।’’ प्रभु ने कहा, ‘‘लिथियम-आयन वर्तमान में बाजार पर हावी है। लेकिन लंबी अवधि के ऊर्जा भंडारण की आवश्यकता पूरी नहीं हुई है। इसने नई प्रकार की भंडारण प्रौद्योगिकियों को विकसित करने की आकांक्षा रखने वाले स्टार्टअप के लिए एक अवसर पैदा किया है...।’’

निवेशकों के एक समूह से 5.4 करोड़ डालर का निवेश मिला

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में बैटरी सामग्री बनाने वाली लोहुम ने उद्यम पूंजी (वीसी) वित्तपोषण के माध्यम से निवेशकों के एक समूह से 5.4 करोड़ डालर का निवेश हासिल किया है। वहीं ब्लूस्मार्ट को 2.5 करोड़ डॉलर की उद्यम पूंजी वित्तपोषण मिला है। घरेलू ऋण वित्तपोषण क्षेत्र में, हस्क पावर सिस्टम ने यूरोपीय निवेश बैंक से कुल दो करोड़ डॉलर का निवेश हासिल किया।

TNN Business Desk
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