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EMI vs SIP: पहले घर खरीदें या निवेश करें शुरू; कौन-सा फैसला होगा सही

EMI vs SIP: क्या आप भी घर लेने का प्लान बना रहे हैं लेकिन इस कंफ्यूजन में भी हैं कि ईएमआई को चुनें या एसआईपी को तो ये जानकारी आपकी मुश्किल हल कर सकती है।

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EMI vs SIP (AI Generated Image)

EMI vs SIP: यह एक सबसे बड़ा सवाल है जो हर किसी के जेहन में आता है कि पहले घर खरीदना सही रहेगा या निवेश शुरू करना चाहिए। कई लोग नौकरी शुरू करते ही होम लोन लेकर ईएमआई भरना शुरू कर देते हैं, जबकि कुछ लोग मानते हैं कि पहले एआईपी और निवेश के जरिए बड़ा फंड तैयार करना ज्यादा समझदारी है। असल में दोनों विकल्पों के अपने फायदे और नुकसान हैं। ऐसे में आपके लिए सही फैसला क्या होगा आइए जानते हैं-

घर खरीदें या निवेश शुरू करें

घर खरीदने का फायदा

घर खरीदने का सबसे बड़ा फायदा यह माना जाता है कि व्यक्ति अपनी संपत्ति तैयार करता है। हर महीने किराया देने की जगह EMI भरने से धीरे-धीरे घर का मालिकाना हक मिलता जाता है। इसके अलावा, लंबे समय में प्रॉपर्टी की कीमत बढ़ने की संभावना भी रहती है। कई लोग इसे भविष्य की सुरक्षा और स्थिरता से जोड़कर देखते हैं। खासतौर पर शादीशुदा लोगों और परिवार वालों के लिए अपना घर मानसिक सुकून देता है।

घर खरीदने से जुड़ी परेशानियां

हालांकि, घर खरीदने के साथ बड़ी जिम्मेदारियां भी जुड़ी होती हैं। होम लोन की EMI अक्सर 15 से 25 साल तक चलती है। अगर व्यक्ति की आय सीमित है, तो हर महीने बड़ी EMI देने से बचत और निवेश के लिए पैसा कम बचता है। इसके अलावा डाउन पेमेंट, रजिस्ट्री, मेंटेनेंस और इंटीरियर जैसे खर्च भी काफी ज्यादा होते हैं। यही वजह है कि कई वित्तीय विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बिना मजबूत वित्तीय तैयारी के जल्दबाजी में घर नहीं खरीदना चाहिए।

निवेश शुरू करने का फायदा

वहीं, SIP (Systematic Investment Plan) छोटे-छोटे निवेश के जरिए लंबी अवधि में बड़ा फंड तैयार करने का तरीका है। SIP का सबसे बड़ा फायदा कंपाउंडिंग होता है। अगर कोई व्यक्ति हर महीने नियमित निवेश करता है, तो समय के साथ उसकी पूंजी तेजी से बढ़ सकती है। उदाहरण के तौर पर हर महीने 10 से 20 हजार रुपये की SIP लंबे समय में लाखों और करोड़ों का फंड तैयार कर सकती है।

निवेश की शुरुआत जल्दी करने का एक बड़ा फायदा यह भी है कि व्यक्ति आर्थिक रूप से ज्यादा फ्लेक्सिबल बना रहता है। नौकरी बदलने, शहर बदलने या किसी आपात स्थिति में उस पर बड़ी EMI का दबाव नहीं होता। इसके अलावा, SIP में जरूरत पड़ने पर पैसा निकालना भी अपेक्षाकृत आसान होता है, जबकि घर बेचने या होम लोन से बाहर निकलने की प्रक्रिया लंबी और मुश्किल हो सकती है।

SIP या EMI किसे चुनें

अगर किसी व्यक्ति की आय स्थिर है, इमरजेंसी फंड तैयार है और वह लंबे समय तक एक ही शहर में रहने की योजना बना रहा है, तो घर खरीदना अच्छा विकल्प हो सकता है। लेकिन अगर करियर की शुरुआत है, बचत कम है और भविष्य को लेकर अनिश्चितता ज्यादा है, तो पहले निवेश और SIP पर ध्यान देना ज्यादा समझदारी माना जाता है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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