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US Economy Recession: ट्रम्प की टैरिफ पॉलिसी से अमेरिकी इकोनॉमी के लिए टेंशन, आर्थिक मंदी की होने लगी चर्चा

US Economy Recession 2025: अमेरिका के लिए एक बुरी खबर है। दरअसल यूएस की इकोनॉमी में मंदी के संकेत दिख रहे हैं। यूएस की अर्थव्यवस्था पर चिंता के कारण अमेरिकी उपभोक्ता विश्वास (US Consumer Confidence) में इस महीने अगस्त 2021 के बाद से सबसे अधिक गिरावट आई।

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ट्रम्प की टैरिफ पॉलिसी का असर

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • ट्रम्प की टैरिफ पॉलिसी का असर
  • अमेरिकी इकोनॉमी के लिए टेंशन
  • आर्थिक मंदी के मिल रहे संकेत

US Economy Recession 2025: अमेरिका के लिए एक बुरी खबर है। दरअसल यूएस की इकोनॉमी में मंदी के संकेत दिख रहे हैं। यूएस की अर्थव्यवस्था पर चिंता के कारण अमेरिकी उपभोक्ता विश्वास (US Consumer Confidence) में इस महीने अगस्त 2021 के बाद से सबसे अधिक गिरावट आई। इससे उन संकेतकों में वृद्धि हुई है जो बताते हैं कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नीतियों पर अनिश्चितता ने अमेरिकियों को अपने देश के आर्थिक भविष्य को लेकर चिंतित कर दिया है।

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कितना गिरा अमेरिकी उपभोक्ता विश्वास सूचकांक

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को जारी आंकड़ों से पता चला कि फरवरी में कॉन्फ्रेंस बोर्ड का आत्मविश्वास सूचकांक 7 अंक घटकर 98.3 पर आ गया, जो लगातार तीसरी गिरावट है। इकोनॉमिस्ट्स के ब्लूमबर्ग सर्वे में यह आंकड़ा सभी अनुमानों से कम रहा। रिपोर्ट के बाद स्टॉक और बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई।

हर आयु और कमाई वाले समूहों का घटा विश्वास

आत्मविश्वास में गिरावट सभी आयु और कमाई वाले समूहों में देखने को मिली है। उपभोक्ता वर्तमान और भविष्य की लेबर मार्केट स्थिति के साथ-साथ इनकम और बिजनेस स्थितियों के बारे में अधिक निराशावादी हो गए। वर्तमान और भविष्य की वित्तीय स्थितियों को लेकर उम्मीदें खराब हो गईं और अगले साल मंदी की उम्मीद करने वाले उत्तरदाताओं का हिस्सा नौ महीने के उच्चतम स्तर पर पहुँच गया।

अमेरिकी घटा रहे अपना खर्च

इस निराशावाद के कारण अमेरिकी अपने खर्च में कटौती कर रहे हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार वेल्स फार्गो की एक नई स्टडी के अनुसार आधे से ज्यादा उपभोक्ता अर्थव्यवस्था पर अनिश्चितता और ट्रम्प की टैरिफ धमकियों के नतीजों के कारण प्रमुख लाइफ प्लान्स में देरी कर रहे हैं।

उनमें से, लगभग एक तिहाई घर खरीदने को टाल रहे हैं, जबकि छह में से एक ने शिक्षा योजनाओं को टाल दिया है और आठ में से एक ने रिटायरमेंट को टाल दिया है।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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