अमेरिकी डॉलर के समाने रुपये का कमजोर होने का सिलसिला रुक नहीं रहा है। रुपया शुक्रवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 86 पैसे टूटकर अब तक के सबसे निचले स्तर 93.75 पर बंद हुआ। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच डॉलर में मजबूती और विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी से घरेलू मुद्रा दबाव में है। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने स्थानीय मुद्रा पर और दबाव डाला। घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक भावनाओं के बावजूद गिरावट थम नहीं पाई।
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों के 180 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने के आसार से भी निवेशकों की भावनाओं पर नकारात्मक असर पड़ा।
मार्च के अंत में आ सकती है रिकवरी?
रुपये पर दबाव शायद कुछ समय तक बना रहेगा, क्योंकि तेल की बढ़ती कीमतों के असर को लेकर चिंताओं की वजह से विदेशी निवेशकों ने मार्च में घरेलू शेयर बाज़ार से $8 अरब से ज्यादा की रकम निकाल ली है। यह जनवरी 2025 के बाद से किसी एक महीने में सबसे बड़ी निकासी है। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा हस्तक्षेप मार्च के अंतिम सप्ताह में तेज होने की प्रवृत्ति होती है, जो साल के अंत में एक मजबूत स्तर का समर्थन करती है। इस तरह के परिणाम को कॉर्पोरेट बैलेंस शीट के लिए अनुकूल माना जाता है, क्योंकि कंपनियां आमतौर पर वित्तीय वर्ष के अंत में विदेशी मुद्रा देनदारियों को रुपये में परिवर्तित करती हैं।
एक्सपर्ट का कहना है कि रुपया महीने के अंत में 91.75 प्रति डॉलर के स्तर के करीब बंद होगा। वहीं, कुछ को कमजोर परिणाम की उम्मीद है, मुद्रा लगभग 92.50 प्रति डॉलर के आसपास होगी, खासकर अगर केंद्रीय बैंक तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रहने पर हस्तक्षेप को कम कर देता है।
इस तरह टूट रहा रुपया
| तारीख | कीमत |
|---|
| 01-03-2026 | 93.132 |
| 01-02-2026 | 91.076 |
| 01-01-2026 | 91.694 |
| 01-12-2025 | 89.871 |
| 01-11-2025 | 89.357 |
| 01-10-2025 | 88.769 |
| 01-09-2025 | 88.841 |
| 01-08-2025 | 88.174 |
| 01-07-2025 | 87.524 |
| 01-06-2025 | 85.700 |
| 01-05-2025 | 85.525 |
| 01-04-2025 | 84.599 |
| 01-03-2025 | 85.460 |
| 01-02-2025 | 87.471 |
| 01-01-2025 | 86.561 |
| 01-12-2024 | 85.554 |
| 01-11-2024 | 84.559 |
| 01-10-2024 | 84.061 |
| 01-09-2024 | 83.755 |
| 01-08-2024 | 83.867 |
| 01-07-2024 | 83.699 |
| 01-06-2024 | 83.355 |
| 01-05-2024 | 83.424 |
| 01-04-2024 | 83.450 |
कच्चे तेल की कीमत ने दबाव बनाया
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने स्थानीय मुद्रा पर और दबाव डाला। हालांकि घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक शुरुआत ने मुद्रा में और अधिक गिरावट को कुछ हद तक रोक दिया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, डॉलर के मुकाबले 92.92 पर खुला। हालांकि जल्द ही और गिरावट के साथ यह 93 के स्तर से नीचे चला गया तथा 93.08 प्रति डॉलर पर आ गया जो पिछले बंद भाव से 19 पैसे कम है।रुपया बुधवार को 92.89 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था। विदेशी मुद्रा बाजार गुड़ी पड़वा के मौके पर बृहस्पतिवार को बंद थे। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ 100.25 पर रहा।
शेयर बाजार में लौटी तेजी
घरेलू शेयर बाजारों ने बृहस्पतिवार की गिरावट के बाद वापसी की। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 960.67 अंक या 1.29 प्रतिशत चढ़कर 75,167.91 अंक पर जबकि निफ्टी 311.50 अंक या 1.35 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,313.65 अंक पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 1.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ 106.9 डॉलर प्रति बैरल रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बृहस्पतिवार को बिवकाल रहे थे और उन्होंने 7,558.19 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
