Income Tax Alert : देश के लाखों टैक्सपेयर्स को हाल के दिनों में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से एक ईमेल या मोबाइल मैसेज मिला है। इस मैसेज में उनके कुछ हाई वैल्यू ट्रांजैक्शंस जैसे बैंक में बड़ी रकम जमा होना, प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री, शेयर या म्यूचुअल फंड में निवेश का जिक्र किया गया है। इस कम्युनिकेशन को देखकर कई लोगों को शक हुआ कि कहीं यह कोई फर्जी नोटिस या स्कैम तो नहीं है। लेकिन अब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (ITD) ने इस पर पूरी तरह स्थिति साफ कर दी है।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने क्या कहा?
इनकम टैक्स विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कोई फेक या धोखाधड़ी वाला मैसेज नहीं है। यह पूरी तरह असली और आधिकारिक एडवाइजरी है। यह मैसेज सभी टैक्सपेयर्स को नहीं भेजा गया है, बल्कि सिर्फ उन्हीं लोगों को भेजा गया है, जिनके इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) में दी गई जानकारी और विभाग के पास मौजूद डेटा में बड़ा अंतर नजर आया है। इनकम टैक्स विभाग ने सोशल मीडिया X पर लिखा कि हाल ही में कुछ मामलों की जानकारी इनकम टैक्स विभाग (ITD) के ध्यान में आई है, जो हाल ही में टैक्सपेयर्स को भेजे गए संचार (communication) से संबंधित हैं।
टैक्सपेयर्स कृपया ध्यान दें कि यह संचार सिर्फ सहायता के लिए और यह बताने के लिए भेजा गया है कि विभाग के पास उनके द्वारा किए गए लेन-देन की जानकारी क्या है, जो वर्ष के दौरान रिपोर्टिंग संस्थाओं (Reporting Entities) द्वारा दी गई थी। यह संचार केवल उन मामलों में भेजा गया है, जहां ITR में दिखाई गई जानकारी और रिपोर्टिंग संस्थाओं से प्राप्त जानकारी में स्पष्ट और महत्वपूर्ण अंतर देखा गया है।
इस संचार का उद्देश्य टैक्सपेयर्स को स्वयं सुधार करने का अवसर प्रदान करना है। टैक्सपेयर्स अपने AIS की समीक्षा करके, विभाग की कंप्लायंस पोर्टल (Compliance Portal) पर ऑनलाइन फीडबैक दे सकते हैं और अगर आवश्यक हो तो पहले से दाखिल किए गए रिटर्न को रिवाइज्ड रिटर्न के रूप में संशोधित कर सकते हैं या अगर अभी तक दाखिल नहीं किया है तो बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। आकलन वर्ष 2025-26 के लिए रिवाइज्ड या बिलेटेड रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2025 है। अगर आपके रिटर्न में कोई अंतर नहीं है तो इसे नजरअंदाज किया जा सकता है; लेकिन अगर कोई गड़बड़ी है तो कृपया कंप्लायंस पोर्टल के माध्यम से तुरंत प्रतिक्रिया दें।
किन लेनदेन को लेकर आया है मैसेज?
इस एडवाइजरी में जिन ट्रांजैक्शंस का जिक्र है, उनमें शामिल हैं:- बैंक अकाउंट में बड़ी रकम जमा होना, प्रॉपर्टी की खरीद या बिक्री, शेयर, म्यूचुअल फंड या अन्य निवेश, क्रेडिट कार्ड या अन्य हाई वैल्यू खर्च, इन सभी जानकारियों का डेटा इनकम टैक्स विभाग को बैंकों, म्यूचुअल फंड हाउस, रजिस्ट्रार और अन्य रिपोर्टिंग संस्थाओं से मिलता है।
AIS क्या है और इसमें क्या दिखता है?
इनकम टैक्स विभाग के पास टैक्सपेयर्स की एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) होती है। इसमें आपकी फाइनेंशियल एक्टिविटी से जुड़ी सारी जानकारी होती है, जो अलग-अलग संस्थाएं विभाग को भेजती हैं। अगर किसी टैक्सपेयर ने अपनी ITR में कम इनकम दिखाई है या कुछ ट्रांजैक्शंस को रिपोर्ट नहीं किया है, तो वही अंतर AIS में दिखाई देता है। सिस्टम इसी मिसमैच को पकड़कर टैक्सपेयर्स को एडवाइजरी भेज रहा है।
डराने के लिए नहीं, सुधार का मौका देने के लिए है मैसेज
इनकम टैक्स विभाग ने साफ कहा है कि इस मैसेज का मकसद डराना या तुरंत पेनल्टी लगाना नहीं है। सरकार चाहती है कि टैक्सपेयर्स पहले खुद अपनी जानकारी जांचें और अगर कोई गलती हो तो समय रहते उसे ठीक कर लें। यह एक तरह की पहली चेतावनी है, ताकि बाद में सख्त कार्रवाई की जरूरत न पड़े।
टैक्सपेयर्स को क्या करना चाहिए?
अगर आपको ऐसा कोई ईमेल या मैसेज मिला है, तो सबसे पहले incometax.gov.in पर लॉगिन करें। कंप्लायंस पोर्टल पर जाकर AIS और TIS चेक करें। देखें कि कौन से ट्रांजैक्शंस में मिसमैच है। अगर AIS में दी गई जानकारी गलत है, तो वहीं से फीडबैक दिया जा सकता है लेकिन अगर गलती आपकी तरफ से है और आपने कोई इनकम या ट्रांजैक्शन रिपोर्ट नहीं किया है, तो सबसे सही तरीका है रिवाइज्ड ITR या बिलेटेड रिटर्न फाइल करना।
रिवाइज्ड ITR की आखिरी तारीख जान लें
आकलन वर्ष 2025-26 (वित्त वर्ष 2024-25) के लिए रिवाइज्ड या बिलेटेड ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2025 है। इस तारीख के बाद रिटर्न में कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा। अगर इसके बाद कोई गड़बड़ी पकड़ी गई, तो नोटिस, पेनल्टी और ब्याज का खतरा बढ़ सकता है।
अगर मैसेज नहीं आया तो क्या करें?
भले ही अभी तक आपको इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से कोई मैसेज न मिला हो, फिर भी विशेषज्ञों की सलाह है कि AIS जरूर चेक करें। इससे भविष्य में किसी भी तरह के सरप्राइज नोटिस से बचा जा सकता है।
सरकार का साफ मैसेज
कुल मिलाकर सरकार का यह कदम दिखाता है कि अब पहले टैक्सपेयर्स को चेतावनी और सुधार का मौका दिया जा रहा है। मैसेज का सीधा मतलब है, अभी खुद से गलती सुधार लो, नहीं तो आगे सख्त कार्रवाई हो सकती है।
