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भारत में बढ़ रहा ट्रैडिंग का क्रेज, एक महीने में 42 लाख लोगों ने खोले डीमैट अकाउंट

Demat Accounts: भारत में बड़ी संख्या में डीमैट अकाउंट खुलने की वजह आम जनता का शेयर बाजार की तरफ रुझान बढ़ने को माना जा रहा है। BSE के सूचकांक सेंसेक्स ने इस वर्ष की शुरुआत से अब तक निवेशकों को 10 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न दिया है।

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Demat Accounts

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Demat Accounts: देश में डीमैट अकाउंट की संख्या जून में 42 लाख बढ़कर 16.2 करोड़ हो गई है। गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। चालू वित्त वर्ष में औसत 34 लाख डीमैट अकाउंट हर महीने खोले गए हैं। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की रिपोर्ट के मुताबिक, सेंट्रल डिपॉजिटरीज सर्विसेज लिमिटेड (सीडीएसएल) की बाजार हिस्सेदारी (कुल डीमैट खातों की संख्या में) लगातार बढ़ती जा रही है।

कैसा रहा मार्केट

रिपोर्ट में बताया गया कि कुल डीमैट अकाउंट की संख्या के मामले में सालाना आधार पर नेशनल सिक्योरिटी डिपॉजिटरीज लिमिटेड (एनएसडीएल) का मार्केट शेयर 4.3 प्रतिशत गिरा है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर एक्टिव क्लाइंट्स की संख्या में मासिक आधार पर 3.1 प्रतिशत का इजाफा हुआ है और जून में यह 4.42 करोड़ हो गई है।

मौजूदा समय में देश के पांच टॉप डिस्काउंट ब्रोकर के पास एनएसई के 64.4 प्रतिशत एक्टिव क्लाइंट्स हैं। यह आंकड़ा जून 2022 में 58.2 प्रतिशत था। ऑनलाइन ब्रोकरेज फर्म जीरोधा के क्लाइंट बेस मासिक आधार पर 2.1 प्रतिशत बढ़कर 77 लाख हो गया। हालांकि, उसका मार्केट शेयर 0.20 प्रतिशत गिरकर 17.3 प्रतिशत रह गया है।

ये है डीमैट अकाउंट की संख्या बढ़ने की वजह

ग्रो के क्लाइंट बेस 5.4 प्रतिशत बढ़कर 1.09 करोड़ हो गया है। इसका मार्केट शेयर 0.55 प्रतिशत बढ़कर 24.7 प्रतिशत हो गया है। एंजेल वन के क्लाइंट बेस में 3.4 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। भारत में बड़ी संख्या में डीमैट अकाउंट खुलने की वजह आम जनता का शेयर बाजार की तरफ रुझान बढ़ना है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के सूचकांक सेंसेक्स ने इस वर्ष की शुरुआत से अब तक निवेशकों को 10 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न दिया है।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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