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दिल्ली में छोटे व्यवसायियों के लिए बड़ी राहत, दिल्ली सरकार ने शुरू की कोलेटरल-फ्री लोन स्कीम, जानें कैसे उठाएं फायदा

Collateral Free Loan: दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी के आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एक नई योजना शुरू की है, जो बिना जमानत के छोटे व्यवसायों और महिला उद्यमियों को लोन देती है। इस योजना के तहत सूक्ष्म, लघु एवं महिला उद्यमियों को आसान वित्तीय सहायता मिलेगी, जिससे उनके व्यवसाय का विकास और विस्तार संभव होगा।

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कोलेटरल-फ्री लोन स्कीम (तस्वीर-istock)

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Collateral Free Loan: दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी के आर्थिक विकास को गति देने के उद्देश्य से एक नई लोन योजना शुरू की है, जो बिना किसी जमानत के छोटे व्यवसायों और महिला उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इस योजना के तहत दिल्ली सरकार ने वित्त वर्ष 2026 के बजट में 5 करोड़ रुपये का प्रारंभिक आवंटन किया है। इसके साथ ही सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट (CGTMSE) के सहयोग से 50 करोड़ रुपये का चरणबद्ध योगदान प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस पहल को "दिल्ली के आर्थिक विकास में एक नया अध्याय" बताते हुए कहा कि यह योजना विशेष रूप से छोटे उद्यमियों और महिला कारोबारियों को बिना जमानत के लोन प्राप्त करने में सहायता करेगी।

Collateral Free Loan: योजना का संचालन मॉडल

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक यह योजना एक संरचित गारंटी कवरेज मॉडल प्रदान करती है, जो ऋणदाताओं के लिए जोखिम को कम करते हुए छोटे व्यवसायों के लिए पूंजी तक आसान पहुंच सुनिश्चित करती है। गारंटी कवरेज की दर विभिन्न श्रेणियों के आधार पर तय की गई है:-

  • लघु उद्यम: 10 करोड़ रुपये तक के लोन पर CGTMSE द्वारा 75% और दिल्ली सरकार द्वारा 20% गारंटी कवरेज।
  • महिला उद्यमी और 'अग्निवीर' द्वारा प्रवर्तित MSMEs: 10 करोड़ रुपये तक के लोन पर 90% CGTMSE और 5% दिल्ली सरकार द्वारा कवरेज।
  • सूक्ष्म उद्यम (Micro Enterprises): 5 लाख रुपये तक के लोन पर 85% CGTMSE और 10% दिल्ली सरकार द्वारा गारंटी।
  • 5 लाख से 10 करोड़ रुपये के बीच के लोन: 75% कवरेज CGTMSE द्वारा और 20% दिल्ली सरकार द्वारा।

इस संरचना के जरिए, पात्र उधारकर्ता अधिकतम 95% तक गारंटी कवरेज प्राप्त कर सकते हैं, जिससे ऋणदाता संस्थाओं का जोखिम घटता है और अधिक उधारी को बढ़ावा मिलता है।

Collateral Free Loan: योजना के लाभ

यह योजना विशेष रूप से उन व्यवसायियों के लिए फायदेमंद है जिनके पास संपार्श्विक (collateral) देने के लिए व्यक्तिगत संपत्ति नहीं है। इसके मुख्य लाभ हैं। ऋण प्राप्त करने में संपार्श्विक की बाधा को दूर करना। कार्यशील पूंजी और विस्तार के लिए वित्तीय पहुंच को बढ़ाना। महिला उद्यमियों और पूर्व रक्षा कर्मियों को स्वरोजगार और व्यवसाय विस्तार के लिए प्रेरित करना। यह योजना विनिर्माण, सेवा, खुदरा और शिक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों को कवर करती है। सरकार को उम्मीद है कि यह पहल दिल्ली के स्टार्टअप और सूक्ष्म व्यवसायों को सशक्त बनाकर राजधानी की अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार प्रदान करेगी।

Collateral Free Loan: कैसे मिलता है कोलैटरल फ्री लोन

बिजनेस के लिए कोलैटरल-मुक्त लोन बिना किसी एसेट गिरवी रखे दिए जाते हैं। इन लोन में उधारकर्ता की क्रेडिट योग्यता, आय, और फाइनेंशियल स्थिरता का मूल्यांकन किया जाता है। लोनदाता एप्लीकेंट के क्रेडिट स्कोर, बिजनेस परफॉर्मेंस, वार्षिक टर्नओवर और पुनर्भुगतान क्षमता के आधार पर लोन मंजूर करते हैं। अप्रूवल के बाद, बिना किसी सिक्योरिटी के लोन राशि दी जाती है, जिसे निर्धारित अवधि में मासिक किश्तों में ब्याज सहित वापस करना होता है। ब्याज दर फिक्स्ड या वेरिएबल हो सकती है।

कोलैटरल-मुक्त लोन की मुख्य विशेषताएं

  • किसी भी एसेट को गिरवी रखने की आवश्यकता नहीं होती।
  • पारंपरिक सिक्योर्ड लोन की तुलना में त्वरित अप्रूवल और वितरण।
  • विभिन्न पुनर्भुगतान विकल्प उपलब्ध होते हैं, जिससे सुविधा होती है।
  • लोन अप्रूवल क्रेडिट स्कोर और आय पर निर्भर करता है।
  • जोखिम बढ़ने के कारण ब्याज दर थोड़ी अधिक हो सकती है।

Collateral Free Loan: योग्यता मानदंड

  • क्रेडिट स्कोर 685 या उससे अधिक।
  • आयु 24 से 80 वर्ष के बीच (लोन अवधि के अंत तक 80 वर्ष तक)।
  • बिजनेस कम से कम 3 वर्षों से चल रहा हो।
  • आवश्यक न्यूनतम वार्षिक टर्नओवर।
  • पहचान, पते और बिजनेस के वैध दस्तावेज।

Collateral Free Loan: आवश्यक दस्तावेज

  • पहचान प्रूफ: पैन कार्ड, आधार कार्ड आदि।
  • पता प्रूफ: आधार, वोटर ID, यूटिलिटी बिल।
  • बिजनेस ओनरशिप प्रूफ: GST सर्टिफिकेट, पार्टनरशिप डीड।
  • वित्तीय दस्तावेज: पिछले 2 साल के फाइनेंशियल स्टेटमेंट, टैक्स ऑडिट रिपोर्ट, बैंक स्टेटमेंट।

गौर हो कि CGTMSE, जिसकी स्थापना केंद्र सरकार ने 2000 में की थी, वर्तमान में 276 ऋणदाता संस्थाओं के साथ साझेदारी में काम कर रहा है। वित्त वर्ष 2025 में इस ट्रस्ट ने 3.05 ट्रिलियन रुपये मूल्य के 2.7 मिलियन ऋण खातों के लिए गारंटी जारी की थी, और इसका कुल गारंटी पोर्टफोलियो 9.34 ट्रिलियन रुपये से अधिक का है। इस नई योजना के जरिये दिल्ली सरकार ने न केवल वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दिया है, बल्कि उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक ठोस कदम भी उठाया है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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