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Lava एमडी की जमानत याचिका पर दिल्ली की अदालत ने ED से मांगा जवाब, मनी लॉन्ड्रिंग का है मामला

Vivo PMLA Case: प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले जुलाई 2022 में वीवो और उससे जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापामार कार्रवाई की थी। प्रवर्तन निदेशालय ने कंपनी पर मनी लॉन्ड्रिंग आरोप लगाते हुए कहा था कि स्मार्टफोन निर्माता कंपनी आयकर भुगतान से बचने के लिए करोड़ों रुपये चीन पैसे भेज रही है।

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Vivo Vs ED

Photo : Twitter

दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को चीन की स्मार्टफोन निर्माता कंपनी वीवो के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित मामले में लावा इंटरनेशनल कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर (एमडी) की जमानत याचिका पर को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जवाब मांगा है। विशेष न्यायाधीश तरूण योगेश ने हरिओम राय द्वारा दायर याचिका पर ईडी को नोटिस जारी किया है और केंद्रीय जांच एजेंसी को 29 नवंबर तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है मामला

अदालत ने आरोपी की ओर से पेश वकील नितेश राणा की दलीलें सुनने के बाद यह निर्देश दिया है, जिन्होंने दावा किया है कि चूंकि राय को हिरासत में रखकर पूछताछ की आवश्यकता नहीं है, इसलिए उन्हें हिरासत में रखने का कोई फायदा नहीं है।

जुलाई 2022 में ईडी ने की थी कार्रवाई

बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले जुलाई 2022 में वीवो और उससे जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापामार कार्रवाई की थी। प्रवर्तन निदेशालय ने कंपनी पर मनी लॉन्ड्रिंग आरोप लगाते हुए कहा था कि कंपनी करों से बचने के लिए करोड़ों रुपये चीन पैसे भेज रही है।

वीवो पर करोड़ों रुपये चीन भेजने का आरोप

राणा ने न्यायाधीश से कहा कि आरोपी का धनशोधन और संबंधित अपराध से कोई लेना देना नहीं। वह सिर्फ एक व्यापारी है। राय को पिछले महीने कुछ अन्य लोगों के साथ धन शोधन निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया था। ईडी ने आरोप लगाया है कि भारत में करों के भुगतान से बचने के लिए वीवो ने अवैध रूप से 62,476 करोड़ रुपये चीन को हस्तांतरित किए थे।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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