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IEC 2023: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जादू नहीं है, जादू वो है जो इसे चला रहा है

  • Authored by: अंशुमन साकल्ले
  • Updated Jun 1, 2023, 08:11 PM IST

Times Network के India Economy Conclave में नैसकॉम की प्रेसिडेंट देबजानी घोष और टेक महिंद्रा के सीईओ सीपी गुरनानी ने AI पर अपने विचार रखे।

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नेसकॉम की प्रेसिडेंट देबजानी घोष और टेक महिंद्रा के सीईओ सीपी गुरनानी ने एआई पर अपने विचार रखे।

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • मैजिक एआई नहीं, इसे चलाने वाला है
  • टाइम्स नेटवर्क द्वारा आयोजित कार्यक्रम
  • देबजानी घोष, सीपी गुरनानी थे एक्सपर्ट

IEC 2023: टाइम्स नेटवर्क द्वारा आयोजित दो दिवसीय इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव आईईसी 2023 के 9वें संस्करण का आज पहला दिन है। इसमें AI क्या है और इसका हम लोगों पर क्या असर पड़ता है? इस सवाल के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर दो एक्सपोर्ट्स ने अपनी राय दी। नैसकॉम की प्रेसिडेंट देबजानी घोष और टेक महिंद्रा के सीईओ सीपी गुरनानी ने एआई पर अपने विचार रखे। इस पैनल का टॉपिक एआई और वेब 3.0 में भारत का भविष्य था। देबजानी घोष ने कहा कि एआई टेक्नोलॉजी कोई जादू नहीं है, जादू इसे इस्तेमाल करने वाला शख्स है।

बहुत काम की चीज है AI

पहले नैसकॉम की प्रेसिडेंट देबजानी घोष ने कहा कि एआई को आप जो समझते हैं वो उसी हिसाब से काम करता है। मेरी नजर में एआई ऑगमेंटेड रियलिटी है जिसका काम लोगों की प्रोडक्टिविटी और क्रिएटिविटी को बढ़ाना है। यहां एआई पर नियंत्रण भी हमें ही रखना है, मतलब कौन इसका इस्तेमाल कर रहा है और कैसे कर रहा है ये बात ध्यान देने वाली है। बाकी टेक्नोलॉजी की तरह एआई पर भी उसी तरह नियंत्रण रखा जाना चाहिए ताकि ये सिर्फ लोगों की मदद करने वाला एक जरिया बन सके।

जिंदा होता तो पिकासो भी चौंक जाता

टेक महिंद्रा के सीईओ सीपी गुरनानी ने एमएस वर्ड का उदाहरण देते हुए कहा कि एक समय वो तकनीक भी लोगों के लिए नई थी, आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उसी दौर की याद दिलाता है। अगर आज पिकासो जिंदा होता तो वो भी चौंक जाता कि ये पेंटिंग उसकी है या किसी दूसरे शख्स की। सीपी गुरनानी ने कहा कि भले ही एआई काफी आगे बढ़ चुका है, लेकिन अब भी ये असलियत से बहुत दूर है। मसलन, गूगल मैप भले ही 3डी होने वाला है, लेकिन अगर हमें ड्राइवर के बिना गाड़ियां चलानी हैं तो इस तकनीक को बहुत आगे लेकर जाना होगा।

अंशुमन साकल्ले
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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