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Hero Electric की रेटिंग में कटौती, लोन न चुका पाने से लगा झटका, सरकार से हेरा-फेरी का है आरोप

Rating Of Hero Electric Downgraded: हीरो इलेक्ट्रिक की क्रेडिट रेटिंग में कटौती की गई है। दरअसल कंपनी ने अपने लोन का समय पर भुगतान नहीं किया है, जिसके बाद इसकी रेटिंग डाउनग्रेड यानी घटाई गई है।

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हीरो इलेक्ट्रिक की रेटिंग घटी

Photo : BCCL
KEY HIGHLIGHTS
  • हीरो इलेक्ट्रिक की रेटिंग घटी
  • क्रिसिल ने घटा दी रेटिंग
  • लोन न चुकाने का असर

Rating Of Hero Electric Downgraded: नवीन मुंजाल (Naveen Munjal) की अगुवाई वाली हीरो इलेक्ट्रिक व्हीकल्स प्राइवेट लिमिटेड (Hero Electric) की क्रेडिट रेटिंग में कटौती की गई है। दरअसल कंपनी ने अपने लोन का समय पर भुगतान नहीं किया है, जिसके बाद इसकी रेटिंग डाउनग्रेड यानी घटाई गई है।

असल में सरकार द्वारा 500 करोड़ रु से अधिक की FAME-II सब्सिडी रोके जाने के कारण कंपनी को लिक्विडिटी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल (CRISIL) ने सोमवार को हीरो इलेक्ट्रिक की लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म रेटिंग को क्रमशः क्रिसिल बी और क्रिसिल ए4 से घटाकर क्रिसिल डी कर दिया।

क्यों घटाई रेटिंग

क्रिसिल ने कहा है कि हीरो इलेक्ट्रिक की रेटिंग में कार्रवाई खराब लिक्विडिटी के कारण लोन चुकाने में देरी का नतीजा है। रेटिंग एजेंसी के मुताबिक लगातार ऑपरेटिंग घाटे, सब्सिडी न मिलने के कारण लिक्विडिटी में कमी और एक्सटर्नल इंवेस्टर्स से उम्मीद से कम इक्विटी निवेश के कारण कंपनी की फाइनेंशियल रिस्क प्रोफाइल में भारी गिरावट आई है।

क्यों रोकी सरकार ने सब्सिडी

केंद्र सरकार ने FAME II (फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स) योजना के तहत गलत तरीके से सब्सिडी क्लेम करने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की। मई में सरकार ने 7 कंपनियों को रिकवरी लेटर भेजा था।

कहा गया था कि इन कंपनियों ने FAME II के तहत क्लेम करने के लिए जरूरी लोकल सोर्सिंग नियमों का उल्लंघन किया। नोटिस में इसी राशि को वसूलने की बात कही गई थी। साथ ही सब्सिडी भी रोक दी गई।

24 महीनों से नहीं मिली सब्सिडी

ईटी की रिपोर्ट के अनुसार हीरो इलेक्ट्रिक ने अपने कस्टमर्स को 570 करोड़ रु की सब्सिडी दी है। ये सब्सिडी उस प्रॉसेस के तहत दी गई है, जिसे मिनिस्ट्री ऑफ हैवी इंडस्ट्रीज ने अप्रूव और जरूरी किया है। मगर कंपनी को 24 महीनों से इसकी क्षतिपूर्ति नहीं की गई है।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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