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Home Loan: होम लोन लेने से पहले इन 6 बातों पर कर लें विचार, नहीं तो पड़ सकते हैं मुश्किल में

Home Loan: होम लोन लेने का विचार कर रहे हैं। लेकिन लोन डिफॉल्ट के लॉन्ग टर्म रिजल्ट्स को देखते हुए लोन एग्रीमेंट में प्रवेश करने से पहले अपनी वित्तीय तत्परता और तैयारी का आकलन करना जरुरी है। सबसे पहले यहां 6 कारक दिए गए हैं जिनका मूल्यांकन करके आप होम लोन के लिए अपनी तैयारी का आकलन कर सकते हैं।

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होम लोन लेने से पहले जान लें ये बातें

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Home Loan: कई भारतीयों के लिए घर खरीदना जीवन के सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्यों में से एक है। यह किसी के जीवन की सबसे महंगी खरीद में से एक हो सकती है। एस्पिरेशन इंडेक्स नामक हाल ही में अखिल भारतीय व्यक्तिगत वित्त सर्वे में पाया गया है कि घर का मालिक होना उन टॉप तीन लक्ष्यों में से एक है, जिनकी भारतीय आकांक्षा रखते हैं। और अधिकांश संभावित गृहस्वामी इस आकांक्षा को पूरा करने के लिए होम लोन पर निर्भर हैं। अब होम लोन जो आमतौर पर 30 साल तक के लिए होता है, एक लॉन्ग टर्म वित्तीय प्रतिबद्धता है। लोन डिफॉल्ट के लॉन्ग टर्म रिजल्ट्स को देखते हुए लोन एग्रीमेंट में प्रवेश करने से पहले अपनी वित्तीय तत्परता और तैयारी का आकलन करना जरुरी है। सबसे पहले यहां 6 कारक दिए गए हैं जिनका मूल्यांकन करके आप होम लोन के लिए अपनी तैयारी का आकलन कर सकते हैं।

आप कितना बचाते हैं?

आपकी बचत आपके होम लोन जर्नी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और यह आपको यह मापने में मदद कर सकती है कि आप लोन लेने के लिए तैयार हैं या नहीं। नियमित और अनुशासित बचत की आदत यह सुनिश्चित कर सकती है कि आपके पास अपने वित्त पर दबाव डाले बिना लोन और उससे संबंधित खर्चों को पूरा करने के लिए जरूरी धनराशि हो। लेकिन अगर आपके पास नियमित बचत नहीं है, तो अपने होम लोन आवेदन को स्थगित करना और एक मजबूत वित्तीय सुरक्षा बनाने पर ध्यान केंद्रित करना बुद्धिमानी हो सकती है।

क्या आप डाउन पेमेंट का खर्च उठा सकते हैं?

आपका डाउन पेमेंट प्रॉपर्टी की कीमत का एक प्रतिशत होता है। आम तौर पर 10 से 20 प्रतिशत जिसे आपको पहले ही चुकाना होता है। ज्यादा डाउन पेमेंट से आपकी लोन राशि कम हो जाती है और बदले में आपकी EMI कम हो जाती है। हालांकि सटीक राशि प्रॉपर्टी की कीमत पर निर्भर करती है, इसलिए लोन लेने से पहले इसकी गणना करना जरूरी है। आगे बढ़ने से पहले सुनिश्चित करें कि आपके पास जरूरी फंड हैं; अगर नहीं तो अपने फैसले को टालें और बचत पर ध्यान दें। उदाहरण के लिए अगर प्रॉपर्टी की कीमत 80 लाख रुपये है और आप 15% डाउन पेमेंट का विकल्प चुनते हैं, तो आपको ब्याज और प्रोसेसिंग फीस जैसी अतिरिक्त लागतों को छोड़कर करीब 12 लाख रुपये की अग्रिम राशि की जरुरत होगी। पहले से योजना बनाने से आपको वित्तीय तनाव से बचने में मदद मिलती है और होम लोन प्रक्रिया आसान हो जाती है।

क्या आप EMI को टिकाऊ तरीके से चुका सकते हैं?

होम लोन के लिए एक सामान्य नियम यह है कि EMI आपकी मासिक आय के 40% से अधिक नहीं होनी चाहिए, ताकि आप अन्य वित्तीय जरुरतों को पूरा कर सकें। समय के साथ, जैसे-जैसे आप मूलधन चुकाते हैं, EMI कम होती जाती है। यह जांचने के लिए कि क्या पुनर्भुगतान राशि आपके लॉन्ग टर्म बजट में फिट बैठती है, होम लोन EMI कैलकुलेटर का उपयोग करें। अगर अनुमानित EMI आपके जरुरी खर्चों को प्रभावित कर सकती है, तो अपनी आय बढ़ने तक प्रतीक्षा करने पर विचार करें। वैकल्पिक रूप से लोन अवधि को बढ़ाना या छोटा लोन चुनना वहनीयता में सुधार कर सकता है।

क्या भविष्य में आपकी आय बढ़ेगी?

एक स्थिर या बढ़ती हुई आय लंबी अवधि के पुनर्भुगतान को अधिक प्रबंधनीय बनाती है, खासकर अगर आपके पास नियमित वेतन वृद्धि या करियर ग्रोथ के साथ एक स्थिर नौकरी है। हालाकि अगर आपकी आय अनिश्चित या अनियमित है, तो होम लोन लेने से वित्तीय तनाव हो सकता है और भविष्य में आपकी लोन योग्यता प्रभावित हो सकती है।

क्या आप सह-उधारकर्ता के साथ आवेदन कर सकते हैं?

पति या पत्नी या माता-पिता जैसे सह-उधारकर्ता के साथ होम लोन के लिए आवेदन करने से आपकी पात्रता बढ़ सकती है। ऋणदाता दोनों आवेदकों की संयुक्त आय और क्रेडिट प्रोफाइल का आकलन करते हैं, जिससे आपकी लोन राशि बढ़ सकती है या कम ब्याज दर मिल सकती है, जिससे आपका वित्तीय बोझ कम हो सकता है। इसके अतिरिक्त लोन पुनर्भुगतान करने वाले सभी सह-उधारकर्ता टैक्स कटौती का लाभ उठा सकते हैं।

क्या आपका क्रेडिट स्कोर उच्च है?

लोन लेने की प्रक्रिया में क्रेडिट स्कोर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, उच्च स्कोर के साथ अनुकूल शर्तों पर लोन सुरक्षित करना आसान होता है। 750 या उससे अधिक का स्कोर आपको कम ब्याज दरों तक पहुंचने में मदद कर सकता है, जिससे आपका कुल लोन बोझ कम हो सकता है। दूसरी ओर कम स्कोर के कारण ब्याज दरें बढ़ सकती हैं या लोन अस्वीकृत भी हो सकता है। लोन के लिए आवेदन करने से पहले अपना क्रेडिट स्कोर जांच लें। अगर यह कम है, तो समय पर बिलों का भुगतान करके, अपने क्रेडिट उपयोग को कम रखकर और मौजूदा लोन को कम करके इसे सुधारने पर ध्यान दें।

होम लोन एक बड़ा कदम है और इसके लिए पहले से प्लानिंग करना आपको वित्तीय तनाव से बचने में मदद करेगा। अपनी बचत पुनर्भुगतान क्षमता और क्रेडिट स्कोर को पहले से मजबूत करें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आप वित्तीय रूप से तैयार हैं।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल बैंक बाजार डॉट कॉम कम्युनिकेशन सीनियर मैनेजर मालविक सिंघल ने लिखी है, यह सिर्फ जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं है।)

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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