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CNG vs Petrol Rates: खत्म हुआ सस्ता सफर! इन शहरों में 90 रुपए हुई सीएनजी

लगातार बढ़ती कीमतों के कारण अब सीएनजी पर सफर करना भी महंगा हो गया है। हालिया बढ़ोतरी के बाद नोएडा, लखनऊ और बेंगलुरु सहित देश के कई बड़े शहरों में सीएनजी की कीमतें 90 से 97 रुपए प्रति किलोग्राम के पार पहुंच चुकी हैं।

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cng price in delhi

मिडिल क्लास और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने वाले आम लोगों के लिए अब सफर करना बेहद महंगा साबित होने लगा है। पर्यावरण के अनुकूल और पेट्रोल-डीजल (Petrol Diesel) के मुकाबले किफायती माने जाने वाले ईंधन, यानी सीएनजी (CNG) के दामों में पिछले कुछ दिनों से आग लगी हुई है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) और अन्य तेल विपणन कंपनियों ने एक बार फिर सीएनजी की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की है। ताजा संशोधन के तहत सीएनजी के दामों में 2 रुपये प्रति किलोग्राम का इजाफा किया गया है। चौकाने वाली बात यह है कि पिछले दो हफ्तों के भीतर सीएनजी की कीमतों में यह चौथी बड़ी बढ़ोतरी है। इस लगातार हो रही मूल्यवृद्धि के कारण देश के कई प्रमुख शहरों में सीएनजी की कीमतें अब 100 रुपये के बेहद करीब पहुंच चुकी हैं, जिसने आम आदमी के बजट को पूरी तरह से बिगाड़ कर रख दिया है।

किन शहरों में 100 के करीब पहुंची CNG

क्र.सं.शहर / क्षेत्र (City / Region)नए दाम (26 मई से प्रति किलोग्राम)
1कानपुर₹94.42
2हमीरपुर₹94.42
3फतेहपुर₹94.42
4हापुर₹92.70
5अजमेर₹92.44
6पाली₹92.44
7राजसमंद₹92.44
8नोएडा₹91.70
9गाजियाबाद₹91.70
10गौतम बुद्ध नगर₹91.70
11ग्रेटर नोएडा₹91.70
12मुजफ्फरनगर₹91.58
13मेरठ₹91.58
14शामली₹91.58
15महोबा₹89.42
16बाँदा₹89.42
17चित्रकूट₹89.42
18कैथल₹88.43
19गुरुग्राम₹88.12
20रेवाड़ी₹87.70
21करनाल₹87.43
22दिल्ली एनसीटी₹83.09

क्यों बढ़ रहे हैं रेट्स?

भारत अपनी जरूरत का लगभग 90 प्रतिशत कच्चा तेल और भारी मात्रा में प्राकृतिक गैस विदेशों से आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाली किसी भी हलचल का सीधा असर हमारे देश पर पड़ता है। इस संकट के कारण सरकारी तेल कंपनियों को रोजाना भारी घाटा उठाना पड़ रहा था, जिसकी भरपाई के लिए अब वे लगातार खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी कर रही हैं। सीएनजी के महंगे होने का सीधा असर अब ऑटो, कैब, टैक्सी और स्कूल बसों के किरायों पर पड़ने लगा है। दिल्ली-NCR के टैक्सी और ऑटो यूनियनों ने सरकार से न्यूनतम किराया बढ़ाने की मांग शुरू कर दी है। ऐसे में यह साफ है कि आने वाले दिनों में न सिर्फ रोजाना का सफर महंगा होगा, बल्कि माल ढुलाई की लागत बढ़ने से फल, सब्जी और राशन जैसी रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुएं भी महंगी हो सकती हैं, जिससे खुदरा महंगाई (Inflation) और ज्यादा बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठी author

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिच... और देखें

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