Share Market Closing Bell Today : शेयर बाजार में शुक्रवार, 9 अक्टूबर को जोरदार रिकवरी देखने को मिली। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन Sensex 879 अंक से ज्यादा चढ़कर 72,472 पर बंद हुआ, जबकि Nifty में 289 अंकों से ज्यादा की तेजी रही और यह 22,520 के स्तर पर पहुंच गया। ओवरऑल मार्केट ब्रेड्थ मजबूत होने की वजह से शुक्रवार को निवेशकों की पूंजी में 3,06,696 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है।
बाजार को सबसे ज्यादा सपोर्ट IT शेयरों में खरीदारी से मिला। TCS के तिमाही नतीजों के बाद शेयरों में तेजी आई और Nifty IT इंडेक्स 3% से ज्यादा चढ़ गया। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और बाजार की अस्थिरता में कमी ने भी निवेशकों को राहत दी। इससे पहले गुरुवार को भारी बिकवाली के कारण Sensex 32 महीने के निचले स्तर और Nifty 18 महीने के निचले स्तर पर बंद हुआ था।
IT शेयरों में खरीदारी, Nifty IT 3% चढ़ा
शुक्रवार की तेजी में IT सेक्टर सबसे आगे रहा। Nifty IT इंडेक्स 3.02% चढ़कर बंद हुआ। TCS के तिमाही नतीजों के बाद शेयर में खरीदारी बढ़ी। कंपनी ने AI से जुड़े कारोबार में बढ़ोतरी और अंतरराष्ट्रीय बिजनेस में प्रदर्शन से निवेशकों का ध्यान खींचा। कारोबार के दौरान TCS के शेयर में करीब 5.4% की तेजी दर्ज की गई। IT के अलावा FMCG इंडेक्स में 2.20%, PSU Bank में 1.63%, Auto में 1.42% और Financial Services इंडेक्स में 1.33% की बढ़त रही।
सेक्टर इंडेक्स
किन वजहों से आई बाजार में तेजी?
बाजार में तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह क्रूड ऑयल के दाम में नरमी है। भारतीय बाजार बंद होने के समय तक Brent Crude 1.40% की गिरावट के साथ 102.88 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। इसके अलावा डॉलर के मुताबले रुपये में भी मजबूती देखने को मिली है। रुपया करीब 6 पैसे की मजबूती के साथ 96.73 प्रति डॉलर पर बंद हुआ है।
आईटी शेयरों में क्यो आई खरीद?
आईटी शेयरों में खरीदारी के पीछे दो बड़ी वजह रहीं। पहला, भारत के IT सेक्टर को लीड करने वाली TCS ने मजबूत नतीजे दिए हैं। इसके अलावा Open AI रेवेन्यू एस्टिमेट्स में बड़ी कमी आई है। भारतीय आईटी स्टॉक्स इन दिनों यूएस के AI स्टॉक्स के खिलाफ हेजिंग के विकल्प बनते जा रहे हैं। ऐसे में जब यूएस के एआई स्टॉक्स में बिकवाली होती है, तो भारत के आईटी स्टॉक्स को इसका फायदा मिलता है।
क्रूड क्यों हुआ सस्ता?
क्रूड सस्ता होने के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान है। ट्रंप ने ऐलान किया है कि अमेरिका अब नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों तक ईरान पर कोई हमला नहीं करेगा। इसकी वजह से पश्चिम एशिया में हालात सामान्य होने और क्रूड की सप्लाई बढ़ने की उम्मीद की जा रही है।
