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Government Earnings: केंद्र सरकार ने ऑफिस के स्क्रैप बेचकर कमाए 2364 करोड़ रुपये, पीएम मोदी ने की DPIIT की सराहना

Government Earning From Scrap: केंद्र सरकार के डिपार्टमेंट फॉर प्रोमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) ने विभिन्न सरकारी कार्यालयों से स्क्रैप की बिक्री कर 2,364 करोड़ रुपये की कमाई की है। इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुशल प्रबंधन के लिए विभाग की सराहना की।

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मोदी सरकार ने स्क्रैप बेचकर की अच्छी कमाई (तस्वीर-Canva+PTI)

Government Earning From Scrap: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिपार्टमेंट फॉर प्रोमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) के प्रयासों की सराहना की है। डिपार्टमेंट फॉर प्रोमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड ने विभिन्न सरकारी कार्यालयों से स्क्रैप की बिक्री के जरिए महज तीन साल में 2,364 करोड़ रुपये की कमाई की है। भारत सरकार ने दक्षता और स्थिरता का उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए विभिन्न सरकारी कार्यालयों से स्क्रैप की बिक्री के जरिए महज तीन साल में 2,364 करोड़ रुपये कमाए हैं।

पीएम मोदी ने की सराहना

केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह के सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सराहनीय! कुशल प्रबंधन और सक्रिय कार्रवाई पर ध्यान केंद्रित करके, इस प्रयास ने शानदार परिणाम प्राप्त किए हैं। यह दर्शाता है कि कैसे सामूहिक प्रयासों से स्थायी परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं, जिससे स्वच्छता और आर्थिक विवेक दोनों को बढ़ावा मिलता है विशेष अभियान 4.0 के तहत शुरू की गई इस पहल ने न केवल राज्य के खजाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, बल्कि सरकारी विभागों में स्वच्छता और आर्थिक विवेक को भी बढ़ावा दिया है।

पैसे के साथ-साथ स्पेस भी मिला

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने 7 नवंबर को अलग से कहा कि फिजिकल फाइलों को खत्म करने और कबाड़ मटेरियल के निपटान के लिए DPIIT के अभियान से 15,847 वर्ग फुट जगह खाली हुई है और 16,39,452 रुपये का रेवेन्यू प्राप्त हुआ है। मंत्रालय ने कहा कि DPIIT ने विशेष अभियान 4.0 के तहत विभिन्न पहलों को सफलतापूर्वक पूरा किया है, जिसका उद्देश्य स्वच्छता को संस्थागत बनाना और सरकारी मामलों में पेंडिंग मामलों को कम करना है।

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मोदी सरकार को स्क्रैप से हुई अच्छी कमाई

अभियान के दौरान कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य अनुभव सुनिश्चित करने के लिए कार्यालयों में काम करने के माहौल के समग्र सुधार पर ध्यान दिया गया है। कुल 58,545 फाइलों की समीक्षा की गई और 15,816 फाइलों को हटाया गया। भौतिक फाइलों और स्क्रैप निपटान की वजह से 15,847 वर्ग फीट खाली जगह मिली और 16,39,452 रुपये का राजस्व उत्पन्न हुआ। पेंडिंग मामलों के निपटान के मामले में लक्ष्य के रूप में चिन्हित सभी लोक शिकायत, पीजी अपील, सरलीकरण के नियमों का निपटारा कर दिया गया है। DPIIT द्वारा देश भर में 70 स्थानों पर कुल 300 स्वच्छता अभियान चलाए गए। रिलीज में कहा गया है कि DPIIT और इसके संगठनों ने कई बेहतरीन प्रथाओं को अपनाया।

ये काम करता है DPIIT

उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत एक सरकारी एजेंसी है जो देश के सामाजिक-आर्थिक लक्ष्यों और प्राथमिकताओं के साथ संरेखित करते हुए भारत में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए नीतियों का विकास और कार्यान्वयन करती है। 1995 में स्थापित DPIIT का 2000 में औद्योगिक विकास विभाग के साथ विलय हो गया। यह राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और सामाजिक-आर्थिक उद्देश्यों पर विचार करते हुए औद्योगिक क्षेत्र के विकास का समर्थन करने के लिए नीतियों को तैयार करने और क्रियान्वित करने के लिए जिम्मेदार है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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